मणिपुर: 'अलगाववादी की विधवा'!

मणिपुर में अलगाववादी गुटों से निपटने के लिए लागू सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून यानी आफ़स्पा के इस्तेमाल का एक असर यह हुआ कि राज्य में विधवाओं की तादाद बढ़ गई है. मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि कई मासूम फ़र्ज़ी मुठभेड़ों में मारे गए हैं. 25 से 35 साल की उम्र की विधवाओं का कहना है कि सेना और पुलिस ने उनके बेकसूर पतियों को अलगाववादी बताकर फ़र्ज़ी एनकाउंटर में मार दिया. इम्फ़ाल से बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य की रिपोर्ट.