एक दुनिया मगरमच्छों की ...

मगरमच्छ को दुनिया के लुप्त हो रहे जीवों की सूची में रखा जाता है. लेकिन फिलिपींस के क्रोकोडाइल फॉर्म 'नोअह आर्क' में मगरमच्छों की अपनी एक दुनिया है.

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'नोअह आर्क' में दुर्लभ प्रजाति के मगरमच्छों के अंडे लाकर उनका कृत्रिम तरीके से प्रजनन किया जाता है. यहाँ इनकी तादाद इतनी ज्यादा है कि उन्हें जंगलों में यूहीं नहीं छोड़ा जा सकता है.

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पलावन वाइल्ड लाइफ़ रेस्क्यू एंड कंजर्वेशन सेंटर में 'नोअह आर्क' दो हेक्टेयर में फैला हुआ है.

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क्रोकोडाइलस मिंडोरेन्सिस नाम की ये प्रजाति कभी दक्षिण पूर्वी एशिया के ताजे पानी के झीलों और नदियों में बड़ी तादाद में पाई जाती थी लेकिन फैशन उद्योग के लिए होने वाले अवैध शिकार के कारण इनको बड़ी संख्या में मार दिया गया.

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खारे पानी की झीलों में पाये जाने वाले मगरमच्छों की दूसरी प्रजातियों से मनुष्यों के भय और रिहाइश की कम पड़ती जगह की कीमत इन्हें भी चुकानी पड़ी.

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1987 में किए गए एक सर्वे में इस प्रजाति के मगरमच्छों की संख्या का 250 के करीब अनुमान लगाया गया था और उसके बाद फिलिपींस की सरकार ने इनके संरक्षण के लिए कदम उठाये.

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साफ पानी में पाये जाने वाले मगरमच्छों की लंबाई 10 फीट से ज्यादा नहीं होती है. इन्हें शर्मीले जानवरों में शुमार किया जाता है. मगरमच्छों की अन्य बड़ी प्रजातियों की तुलना में क्रोकोडाइलस मिंडोरेन्सिस अपेक्षाकृत छोटे शिकार से अपना पेट भरते हैं.

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