लालबहादुर शास्त्री
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

किश्तों पर कार ख़रीदने वाले प्रधानमंत्री

  • 3 अक्तूबर 2014

भारत में बहुत कम लोग ऐसे हुए हैं जिन्होंने समाज के अत्यंत साधारण वर्ग से अपने जीवन की शुरुआत कर देश के सबसे पड़े पद को प्राप्त किया है.

चाहे रेल दुर्घटना के बाद उनका रेल मंत्री के पद से इस्तीफ़ा हो या 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध में उनका नेतृत्व या फिर उनका दिया गया जय जवान जय किसान का नारा, लालबहादुर शास्त्री ने सार्वजनिक जीवन में श्रेष्ठता के जो प्रतिमान स्थापित किए हैं, उसके बहुत कम उदाहरण मिलते हैं.

लालबहादुर शास्त्री की 110 वर्षगांठ के अवसर पर रेहान फ़ज़ल याद कर रहे हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ नायाब पहलू.