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इंदिरा बनाम पटेल

  • 4 नवंबर 2014

अभी तक 31 अक्तूबर को इंदिरा गाँधी की पुण्यतिथि को एक ख़ास दिन के तौर पर मनाया जाता था. लेकिन इस बार नरेंद्र मोदी सरकार ने इसी दिन जन्मे सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर ज़ोरशोर से मनाने का फ़ैसला किया.

इस बार वो इंदिरा गाँधी को श्रद्धांजलि देने उनकी समाधि शक्ति स्थल पर भी नहीं गए. दूसरी ओर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हमेशा की तरह शक्ति स्थल पर जा कर इंदिरा गाँधी की समाधि पर फूल चढ़ाए.

कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि एनडीए सरकार जानबूझ कर पटेल की विरासत पर अपना आधिपत्य जमाने की कोशिश कर रही है.

इससे कुछ दिन पहले सरकार ने आदेश जारी किया था कि गाँधी जयंती को छोड़ कर किसा भी दिवंगत नेता की जयंती को सरकारी स्तर पर नहीं मनाया जाएगा.

राष्ट्र नायकों की विरासत को विचारधारा के आधार पर बांटना क्या उचित है? क्या सरकार बदलने के साथ पुराने राष्ट्रनायकों को भी नज़रअंदाज़ किया जाना चाहिए?

बीबीसी इंडिया बोल का संचालन किया रेहान फज़ल ने और हिस्सा लिया विश्लेषक पुष्पेश पंत ने