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क्या उर्दू गुमनाम हो गई है?

  • 14 मार्च 2015

एक ज़माने में उत्तर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में लिखी और पढ़ी जाने वाली उर्दू ज़बान आज़ादी के बाद गुमनाम हो गई.

पर अब फिर उर्दू को नया जीवन देने की कोशिश हो रही है.

दिल्ली में दो दिन तक उर्दू का जश्न मनाया जा रहा है.

पर क्या उर्दू अपने पुरान मुक़ाम तक पहुंच पाएगी? इस बार इंडिया बोल में इसी विषय पर हुई चर्चा.

पाकिस्तान कराची से 'आज' के संपादक और हिंदी-उर्दू के उम्दा जानकार अजमल कमाल साहब मुख्य अतिथि थे.