सुभाष चंद्र बोस
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

'आमी सुभाष बोलची…'

बीते दिनों ख़बर आई कि आज़ादी के बाद 20 वर्ष तक ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सुभाषचंद्र बोस के परिवार वालों की जासूसी की थी, उनके पत्रों को खोलकर देखा और उनका पीछा भी किया गया.

विवेचना में इस बार रेहान फ़ज़ल कर रहे हैं सुभाष बोस और उनकी मौत से जुड़े दस्तावेज़ों की ख़ास पड़ताल.