प्राचीन भारत के केश विन्यास
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प्राचीन भारत का हेयर स्टाइल

बाल सजाने-सँवारने का शौक़ पुराना है. भारतीय पुरातात्विक विभाग ने इसे दिखाने के लिए दिल्ली के लाल क़िले में 'केश-विन्यास' प्रदर्शनी लगाई.

पुरातात्विक अवशेष दिखाते हैं कि हड़प्पा सभ्यता से ही केश-सज्जा में कल्पनाशीलता और कलात्मकता का प्रयोग हुआ.

मोहनजोदड़ो काल में बाल सीधे करने के लिए लोग शीशे-कंघी का इस्तेमाल करते थे. बौद्ध काल में बालों को सुगंधित तेल और मोम से चिकना किया जाता था.

(रविशंकर कुमार की रिपोर्ट)