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बॉलीवुड के ज़रिए भी होती है कूटनीति

  • 5 जनवरी 2016

दुनिया में सबसे ज़्यादा फ़िल्में भारत में बनती हैं और ऐसे लाखों लोग हैं जिनके चलने बोलने से लेकर सपने देखने और सोचने तक के तौर तरीकों पर फ़िल्मों का गहरा असर है.

रोज़मर्रा की मुश्किलों से निकल कर सिनेमा के पर्दे पर नाचती बोलती तस्वीरों में खो जाना हिंदुस्तानी लोगों के लिए शौक भी है और ज़रूरत भी.

यही फ़िल्में देश की सीमा के पार जाती हैं भारत को जानने का एक ज़रिया भी बन जाती हैं, भारत से बाहर भी इनकी एक अपनी दुनिया है. पेश कर रहे हैं बीबीसी संवददाता वंदना और विदित मेहरा