BBC World Service LogoHOMEPAGE | NEWS | SPORT | WORLD SERVICE DOWNLOAD FONT | Problem viewing?
BBCHindi.com

पहला पन्ना
भारत और पड़ोस
खेल और खिलाड़ी
कारोबार
विज्ञान
आपकी राय
विस्तार से पढ़िए
हमारे कार्यक्रम
प्रसारण समय
समाचार 
समीक्षाएं 
आजकल 
हमारे बारे में
हमारा पता
वेबगाइड
मदद चाहिए?
Sourh Asia News
BBC Urdu
BBC Bengali
BBC Nepali
BBC Tamil
 
BBC News
 
BBC Weather
 
 आप यहां हैं: 
 ताज़ा समाचार
सोमवार, 26 नवंबर, 2001 को 01:18 GMT तक के समाचार
जीनोम का विवाद
एक मानव स्टेम सेल
एक मानव स्टेम सेल

सैन फ्रांस्सिको से जॉनाथन एमोस

मानव जीनोम की गुत्थी सुलझाने वाले सरकारी और प्राइवेट वैज्ञानिक आपसी मतभेदों को अभी तक सुलझा नहीं पाए हैं जिससे उनके परस्पर सहयोग में बाधाएं आ रही हैं.

मानव जीवन की किताब को पढ़ने की यह परियोजना कई बार विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों के घेरे में फंसती रही है. यहां तक कि मानव डीएनए की संरचना का प्रकाशन भी दो अलग-अलग विज्ञान पत्रिकाओं में करना पड़ा क्योंकि आंकड़ों को लेकर भारी विवाद था.

जीनोम परियोजना में साझीदार कंपनी सेलेरा जिनोमिक्स के मुख्य अधिकारी डॉक्टर क्रेग वेन्टर कहते हैं कि बातचीत के बाद पुरानी कड़वाहट समाप्त हो जाएगी.

डॉक्टर वेन्टर ने बीबीसी से एक बातचीत में कहा, ''यह जनहित में नहीं है कि करदाताओं का पैसा इस शोध में लगाया जाए या इस मामले में सरकार और प्राइवेट कंपनियों के बीच प्रतियोगिता हो.''

अनावश्यक प्रतियोगिता

डॉक्टर वेन्टर के साझीदार हैं अमरीका के नेशनल ह्यूमन जीनोम रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉक्टर फ्रांसिस कॉलिन्स. सरकारी और प्राइवेट वैज्ञानिकों की ये टीमें मानव जीन की गुत्थियां खोलने में कई वर्षों से लगी हैं.

विज्ञान पत्रिकाओं-साइंस और नेचर-में जब मानव जीन का विवरण छपा तो इन दोनों वैज्ञानिकों को कई दिनों तक टेलीविज़न चैनलों को इंटरव्यू देते रहना पड़ा.

असल में बात बहुत दिलचस्प थी. इन वैज्ञानिकों ने बताया कि मानव शरीर सिर्फ़ 3,000 जीनों का परिणाम है. मक्खियों का शरीर लगभग डेढ़ हज़ार जीनों से बना है यानी हमारे शरीर में मक्खियों से सिर्फ़ दोगुना अधिक जीन हैं.


इन वैज्ञानिकों यह भी बताया कि मानव जीन की रचना कितनी जटिल है और इसे पूरी तरह समझ पाना कितना कठिन है. डॉक्टर वेन्टर कहते हैं कि ''इसमें सौ साल तक लग सकते हैं.'' साथ ही, वे आत्मविश्वास व्यक्त करते हैं कि काम सही दिशा में हो रहा है.

डॉक्टर वेन्टर कहते हैं, ''आशा को अतिशयोक्ति में बदलते देर नहीं लगती, लेकिन यह एक नई शुरूआत है, सब कुछ काफ़ी तेज़ी से होगा जो पहले संभव नहीं था.

कंप्यूटर का कमाल

डॉक्टर वेन्टर कहते हैं कि पहले-पहल उन्हें एक जीन की खोज में दस साल लगे लेकिन अब इस काम में कंप्टूयर को 15 सेकेंड लगते हैं.

डॉक्टर कॉलिन्स कहते हैं कि हमें अगले सप्ताह से किसी चमत्कारी इलाज की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए लेकिन यह ज़रूर है कि अब एक असाधारण भविष्य की बुनियाद रखी जा चुकी है.

वे कहते हैं, ''हम ऐसे मामलों में अक्सर वैज्ञानिक उपलब्धियों के तात्कालिक प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर आंकने लगते हैं लेकिन दीर्घकालिक प्रभावों को कम करके आंकते हैं.''

दोनों ही वैज्ञानिक ज़ोर देते हैं कि इस शोध का लाभ दुनिया भर में पहुंचना चाहिए. डॉक्टर वेन्टर कहते हैं कि डीएनए के बारे में बुनियादी आंकड़े इंटरनेट पर उपलब्ध हैं जिससे इस काम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. जब से पूरी जानकारी सेलेरा जिनोमिक्स की वेबसाइट पर दी गई तब से लगभग 90 देशों के लोग पूरी जानकारी प्राप्त कर चुके हैं.

आगे की चुनौतियां

इंटरनेट पर सूचनाएं तो उपलब्ध हैं लेकिन सवाल यह है कि इसका प्रयोग चिकित्सा और रोग की पहचान के लिए किस तरह किया जाए. यही सबसे बड़ी चुनौती है.

आर्थिक पहलू

यह काम कोई आसान नहीं, एक मामूली दवा बनाने में कंपनियों को कई करोड़ डॉलर ख़र्च करने पड़ते हैं और यह पैसा वे दवा को बेचकर ही हासिल कर सकते हैं. समस्या यह है कि यह पैसा तीसरी दुनिया के देशों से हासिल नहीं हो सकता.

लेकिन अच्छी ख़बर है कि सूचना अब इंटरनेट पर उपलब्ध है और विकासशील देश भी इसे दवाएं बनाने के लिए उपयोग में ला सकते हैं.

डॉक्टर कॉलिन्स कहते हैं, ''यह एक साझा संपत्ति है इसलिए इसका फ़ायदा सबको मिलना चाहिए. ऐसा मानने के पर्याप्त कारण हैं कि जीनोमिक्स के फ़ायदे किसी भी दवा की तुलना में ज़्यादा लोगों तक पहुंचेंगे.''

डॉक्टर कॉलिन्स कहते हैं कि संक्रामक बीमारियों के मामले में जेनेटिक शोध पहले ही जारी है और इसका फ़ायदा ख़ास तौर पर कम विकसित देशों को ही मिलेगा, ख़ास तौर पर मलेरिया और टीबी जैसी बीमारियों के मामले में.
 
 
ताज़ा समाचार
बग़दाद में दो अमरीकी मरे
फ़लस्तीन में फिर सत्ता संघर्ष?
हेडेन ने तोड़ा लारा का रिकॉर्ड
नाथन एस्टल ने शतक बनाया
तस्वीर भेजी और चकमा दिया
पूर्व गोरखा सैनिक मुक़दमा हारे
कैदियों के हक में उठी आवाज़







BBC copyright   ^^ हिंदी

पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल और खिलाड़ी
कारोबार | विज्ञान | आपकी राय | विस्तार से पढ़िए
 
 
  कार्यक्रम सूची | प्रसारण समय | हमारे बारे में | हमारा पता | वेबगाइड | मदद चाहिए?
 
 
  © BBC Hindi, Bush House, Strand, London WC2B 4PH, UK