BBC World Service LogoHOMEPAGE | NEWS | SPORT | WORLD SERVICE DOWNLOAD FONT | Problem viewing?
BBCHindi.com

पहला पन्ना
भारत और पड़ोस
खेल और खिलाड़ी
कारोबार
विज्ञान
आपकी राय
विस्तार से पढ़िए
हमारे कार्यक्रम
प्रसारण समय
समाचार 
समीक्षाएं 
आजकल 
हमारे बारे में
हमारा पता
वेबगाइड
मदद चाहिए?
Sourh Asia News
BBC Urdu
BBC Bengali
BBC Nepali
BBC Tamil
 
BBC News
 
BBC Weather
 
 आप यहां हैं: 
 ताज़ा समाचार
गुरुवार, 21 फरवरी, 2002 को 20:08 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान की अफ़ीम से चिंता
अफ़ीम की खेती रोज़ी रोटी का भी सहारा है
अफ़ीम की खेती रोज़ी रोटी का भी सहारा है

संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसी यूएनडीपी के विशेषज्ञों ने अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम के भारी मात्रा में उत्पादन पर चिंता व्यक्त की है.

यूएनडीपी का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम का उत्पादन व्यापक स्तर पर पहुँच गया है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इससे चिंतित हो उठा है.

हालांकि अफ़ग़ानिस्तान की अंतरिम सरकार ने अफ़ीम की खेती पर प्रतिबंध लगा रखा है.

लेकिन यूएनडीपी का कहना है कि देश पर एक केंद्रीय नियंत्रण न होने के कारण अनेक गरीब किसानों ने पोस्त की खेती फिर शुरू कर दी है.

पिछले साल अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसियों ने अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की खेती में भारी गिरावट की सूचना दी थी.

ऐसा माना जा रहा है कि तालेबान ने 1999 जो प्रतिबंध लगाया था वह ज्यादा असरदार था लेकिन अब स्थिति कुछ बदली हुई है.

उत्तरी गठबंधन और अमरीका के हमले के बाद तालेबान की सत्ता नहीं रही जिसके कारण सूखे की मार से पहले से ही पीड़ित किसानों ने फिर पोस्त की खेती शुरू कर दी है.

यूरोप चिंतित

यूएनडीपी का कहना है कि पोस्त की खेती में न सिर्फ वृद्धि हुई है बल्कि इसका इलाक़ा भी बढ़ा है.


हेरोईन से यूरोप चिंतित
यह समस्या इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि दुनिया की 70 प्रतिशत अफ़ीम का उत्पादन अफ़ग़ानिस्तान में होता है और यूरोपीय बाज़ार में आनेवाली 90 प्रतिशत हेरोइन का स्रोत अफ़ग़ानिस्तान ही है.

यूएनडीपी के प्रवक्ता कमाल कुर्सपाहिच ने कहा है कि यदि अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की खेती बढ़ती है तो पूरा यूरोप इससे प्रभावित होता है.

उनका कहना था कि 'संगठित अपराध और आतंकवादियों' तक के तार इससे जुड़े हुए हैं.

ब्रितानी अख़बारों ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इस साल पोस्त की खेती से पूरे यूरोप में चिंता है. साथ ही अफ़ग़ानिस्तान की अंतरिम सरकार ने अब तक इसका कोई हल नहीं सुझाया है.

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिम सरकार का ऐसे अनेक स्थानों पर नियंत्रण ही नहीं है जहाँ पोस्त की खेती होती है.

यदि इस समस्या का कोई तात्कालिक हल नही निकाला गया तो यूरोप में मादक पदार्थों की भरमार हो सकती है.
 
 
अन्य ख़बरें
19 फरवरी, 2002
शरण के लिए भीड़ जारी
17 फरवरी, 2002
शांति सैनिक बने रहेंगे: करज़ई
16 फरवरी, 2002
अफ़ग़ान मंत्री को भावभीनी विदाई
15 फरवरी, 2002
ब्रिटेन के विदेश मंत्री काबुल में
इंटरनेट लिंक्स
अफ़ग़ानिस्तान ऑनलाइन
सीआईए अफ़ग़ानिस्तान पर
संयुक्त राष्ट्र
बीबीसी अन्य वेब साइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है
ताज़ा समाचार
बग़दाद में दो अमरीकी मरे
फ़लस्तीन में फिर सत्ता संघर्ष?
हेडेन ने तोड़ा लारा का रिकॉर्ड
नाथन एस्टल ने शतक बनाया
तस्वीर भेजी और चकमा दिया
पूर्व गोरखा सैनिक मुक़दमा हारे
कैदियों के हक में उठी आवाज़







BBC copyright   ^^ हिंदी

पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल और खिलाड़ी
कारोबार | विज्ञान | आपकी राय | विस्तार से पढ़िए
 
 
  कार्यक्रम सूची | प्रसारण समय | हमारे बारे में | हमारा पता | वेबगाइड | मदद चाहिए?
 
 
  © BBC Hindi, Bush House, Strand, London WC2B 4PH, UK