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गुरुवार, 18 अप्रैल, 2002 को 08:39 GMT तक के समाचार
ऐसे बनती थी ममी
ममी हज़ारों वर्षों तक सुरक्षित रह सकती है
ममी हज़ारों वर्षों तक सुरक्षित रह सकती है

राजेश प्रियदर्शी

प्राचीन मिस्र के लोगों का पुनर्जन्म में विश्वास था और वे मानते थे कि मृत व्यक्ति के शरीर को संभालकर रखा जाना चाहिए ताकि अगले जन्म में वो उस शरीर को पा सके.

ममी शब्द प्राचीन मिस्र का नहीं बल्कि अरबी भाषा के मुमिया से बना है जिसका मतलब होता है मोम या तारकोल के लेप से सुरक्षित रखी गई चीज़.

ममी बनाने का काम मिस्र में बहुत ही धार्मिक श्रद्धा भाव से किया जाता था.

इस काम में लगभग 70 दिन का समय लगता था और हर स्तर पर धर्मगुरू और पुरोहित मौजूद रहते थे.

प्राचीन मिस्र में हर शहर में ऐसी दुकानें होती थीं जहाँ ममी बनाने का लोशन, तेल, उपकरण और पट्टी वगैरह मिलते थे.

इसके अलावा यह काम सिर्फ़ माहिर लोग करते थे जिनकी समाज में डॉक्टर जैसी प्रतिष्ठा होती थी.

ममी बनाने से पहले मिस्र के लोग उसे अपनी तरह से पवित्र करते थे और कई अंगों को बाहर निकाल दिया जाता था.


मिस्र में ममियों का मिलना आम बात है
जिनमें मृत व्यक्ति का दिमाग भी होता था जिसे नाक के रास्ते धातु की छड़ों से खोद-खोदकर निकाला जाता था.

शरीर के बाईं तरफ़ एक चीरा लगाकर आँतों, लिवर, फेफड़ों और अन्य अंदरूनी अंगों को निकालकर अलग-अलग बर्तनों में सुरक्षित रखा जाता था.

लेकिन मृत शरीर के ह्रदय को नहीं छेड़ा जाता था.

इसके बाद शुरू होती लेप लगाकर शरीर को सुरक्षित करने की प्रक्रिया.

सबसे पहले शरीर की पूरी नमी को समाप्त किया जाता था और इस काम में कई दिन लगते थे.

मिस्र के खुश्क मौसम के कारण ये काम थोड़ा आसान हो जाता था.

शरीर से नमी समाप्त होने के बाद उस पर कई तरह के रोगनों से मालिश की जाती थी.


मिस्र में लोग अपने प्रिय जानवर की भी ममी बनाते थे
फिर पट्टियाँ लपेटने का काम शुरू होता था, पूरे शरीर पर पतली सूती पट्टियों की लगभग 20 परतें लपेटी जाती थीं.

पट्टी लपेटने के काम के बाद शुरू होती थी कलाकारी.

कई कलाकारों को काम पर लगाया जाता था जो बड़ी मेहनत से शरीर के आकार से मिलता-जुलता लकड़ी का ताबूत बनाते थे.

इन ताबूतों को रंगकर मृत व्यक्ति के चेहरे सहित उसका रूप दिया जाता था.

इसके बाद धर्मगुरू बताते थे कि इन ताबूतों पर क्या और कैसे लिखना है.

इसके बाद एक बड़ा धार्मिक समारोह करके ताबूत को शरीर समेत एक चबूतरे पर सम्मान के साथ रख दिया जाता था.
 
 
इंटरनेट लिंक्स
मिस्र संग्रहालय
ब्रिटिश म्युज़ियम
प्राचीन मिस्र पर जानकारी
एनीमल ममी प्रोजेक्ट
एजिप्शियन काउंसिल ऑफ एंटिक्स
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