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गुरुवार, 05 दिसंबर, 2002 को 00:46 GMT तक के समाचार
 
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ओंकार जी की अंत्येष्टि शनिवार को
 
लगभग तीस वर्षों तक श्रोताओं से सीधा संवाद
लगभग तीस वर्षों तक श्रोताओं से सीधा संवाद

बीबीसी हिंदी सेवा से लगभग तीन दशकों तक जुड़े रहे प्रसारक ओंकारनाथ श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार शनिवार को लंदन में होगा.

ओंकारनाथ श्रीवास्तव का 29 नवंबर की रात लंदन में निधन में हो गया था.

वे 70 वर्ष के थे और 1969 में वे एक प्रोड्यूसर के तौर पर बीबीसी हिंदी सेवा से जुड़े थे.

वे बीबीसी हिंदी सेवा के उप प्रमुख भी रहे.

उन्होंने बीबीसी हिंदी सेवा की भाषा और शैली को गढ़ने में बहुत ही अहम भूमिका निभाई.

मूल तौर पर वे उत्तर प्रदेश के रायबरेली ज़िले के रहने वाले थे और उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी.

बीबीसी हिंदी सेवा के श्रोताओं ने बार-बार अपने पत्रों में लिखा कि उनके प्रसारण ऐसे जीवंत होते थे मानो वे उनके कमरे में बैठकर बातें कर रहे हों.

बांग्लादेश के जन्म की कहानी हो या इंदिरा गाँधी की हत्या की ख़बर, ओंकारनाथ श्रीवास्तव ने श्रोताओं को वर्षों तक बाँधे रखा और आसान भाषा में रोचक तरीक़े से राजनीति से लेकर विज्ञान तक की गुत्थियाँ खोलीं.

वे पिछले कुछ समय से बीमार थे लेकिन चंद आख़िरी दिनों को छोड़कर वे लगातार पूरे जोश के साथ काम करते रहे.

रिटायर होने के बावजूद वे प्रसारक के तौर पर हिंदी सेवा के श्रोताओं से जुड़े रहे और उनके अनुभव का लाभ युवा टीम को हमेशा मिलता रहा.

उन्हें न सिर्फ़ एक बेहतरीन प्रसारक बल्कि एक भाषाविद् और साहित्यकार के रूप में भी याद रखा जाएगा.

हिंदी साहित्य के जानकारों के बीच उनका नाम आदर के साथ लिया जाता था और वे कवि हरिवंश राय बच्चन के सबसे प्रिय शिष्य के तौर पर भी जाने जाते थे.

 
 
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