BBC World Service LogoHOMEPAGE | NEWS | SPORT | WORLD SERVICE DOWNLOAD FONT | Problem viewing?
BBCHindi.com

पहला पन्ना
भारत और पड़ोस
खेल और खिलाड़ी
कारोबार
विज्ञान
आपकी राय
विस्तार से पढ़िए
हमारे कार्यक्रम
प्रसारण समय
समाचार 
समीक्षाएं 
आजकल 
हमारे बारे में
हमारा पता
वेबगाइड
मदद चाहिए?
Sourh Asia News
BBC Urdu
BBC Bengali
BBC Nepali
BBC Tamil
 
BBC News
 
BBC Weather
 
 आप यहां हैं: 
 ताज़ा समाचार
रविवार, 12 जनवरी, 2003 को 14:35 GMT तक के समाचार
करनाल की बेटी कल्पना
नासा के एक महत्वपूर्ण मिशन की प्रमुख सदस्य थीं कल्पना
नासा के एक महत्वपूर्ण मिशन की प्रमुख सदस्य थीं कल्पना

नलिन कुमार

अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा ने अपने विशुद्ध अनुसंधान उद्देश्यों के लिए भेजे गए अंतरिक्ष मिशन में भारतीय मूल की महिला कल्पना चावला को भी शामिल किया था.

नासा ने न सिर्फ़ दूसरी बार कल्पना को अंतरिक्ष में भेजने का फ़ैसला किया, बल्कि सात सदस्यीय मिशन टीम में उन्हें महत्वपूर्ण स्थान भी दिया था.

सोलह दिवसीय मिशन में वह विशेषज्ञ के रूप में शामिल की गईं.

अंतरिक्ष में कदम रखने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना चावला हरियाणा के करनाल कस्बे में पली-बढ़ी थीं.

उन्होंने करनाल के ही टैगोर स्कूल से 1976 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद 1982 में उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से वैमानिक इंजीनियरिंग की डिग्री पाई.

फिर वह पढ़ाई के लिए अमरीका चली गईं, जहाँ 1984 में टेक्सस विश्विद्यालय से उन्होंने अंतरिक्ष वैमानिकी में मास्टर्स की डिग्री हासिल की.

इसी विषय में 1988 में उन्होंने डॉक्टरेट किया, अमरीका के ही कोलोराडो विश्विद्यालय से.

नासा में

कल्पना ने अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा से 1988 में जुड़ीं. तब उन्होंने फ़्लुइड डायनमिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अनुसंधान किया.


करनाल से अंतरिक्ष तक का गौरवशाली सफ़र(फ़ोटो सौजन्य: नासा)
इसके पाँच साल बाद वह कैलीफ़ोर्निया की कंपनी ओवरसेट मेथड्स में उपप्रमुख नियुक्त की गईं.

वहाँ भी उन्होंने एयरोडायनमिक्स के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण अनुसंधान किए. उनके अनुसंधान पेपर अनेक नामी जर्नल में छपे.

नासा ने 1994 में उन्हें संभावित अंतरिक्ष यात्रियों के रूप में चुना.

कल्पना ने मार्च 1995 में जॉन्सन अंतरिक्ष केंद्र में दाखिला लिया. उन्हें अंतरिक्ष यात्रियों के पंद्रहवें दल में शामिल किया गया.

साल भर के प्रशिक्षण के बाद उन्हें अंतरिक्ष यानों की नियंत्रण व्यवस्था की जाँच के काम में लगाया गया.

नवंबर 1996 में घोषणा की गई कि उनके एसटीएस-87 मिशन में विशेषज्ञ की हैसियत से भाग लेने की घोषणा की गई. और साल भर बाद 19 नवंबर 1997 को वह दिन आया जब करनाल की बेटी कल्पना चावला ने अंतरिक्ष के गहन अँधेरे में भारत का नाम रोशन किया.

उन्होंने 376 घंटे 34 मिनट अंतरिक्ष में बिताए. कई महत्वपूर्ण प्रयोगों को अंजाम देते हुए कल्पना ने तब धरती के 252 चक्कर लगाए यानि 65 लाख मील की दूरी तय की.

नासा के जनवरी 2003 के अभियान एसटीएस-107 के लिए कल्पना को एक बार फिर मिशन विशेषज्ञ के रूप में अंतरिक्ष प्रयोगों के लिए चुना गया था.
 
 
अन्य ख़बरें
12 जनवरी, 2003
कल्पना फिर अंतरिक्ष में होंगी
07 जनवरी, 2003
भारतीय चाँद पर...?
30 दिसंबर, 2002
अंतरिक्ष में चीन के बढ़ते क़दम
13 दिसंबर, 2002
धूमकेतु अभियान पर सवाल
इंटरनेट लिंक्स
नासा
बीबीसी अन्य वेब साइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है
ताज़ा समाचार
बग़दाद में दो अमरीकी मरे
फ़लस्तीन में फिर सत्ता संघर्ष?
हेडेन ने तोड़ा लारा का रिकॉर्ड
नाथन एस्टल ने शतक बनाया
तस्वीर भेजी और चकमा दिया
पूर्व गोरखा सैनिक मुक़दमा हारे
कैदियों के हक में उठी आवाज़







BBC copyright   ^^ हिंदी

पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल और खिलाड़ी
कारोबार | विज्ञान | आपकी राय | विस्तार से पढ़िए
 
 
  कार्यक्रम सूची | प्रसारण समय | हमारे बारे में | हमारा पता | वेबगाइड | मदद चाहिए?
 
 
  © BBC Hindi, Bush House, Strand, London WC2B 4PH, UK