ओबामा की शपथ पर प्रतिक्रिया

  • 26 जून 2009
बराक ओबामा
Image caption ओबामा के शपथ ग्रहण पर विश्व नेताओं ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है

विश्व नेताओं ने कहा है कि नए अमरीकी राष्ट्रपति के रुप में बराक ओबामा के शपथ ग्रहण से नई उम्मीदें जगी हैं लेकिन उनके सामने समस्याएँ भी काफ़ी हैं.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि यह अमरीका और दुनिया के इतिहास का नया अध्याय है.

उन्होंने ओबामा के साथ मिलकर काम करने और आपसी संबंध आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी, जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल और जापान के प्रधानमंत्री तारो आसो ने भी इसी तरह के संदेश दिए हैं.

पोप बेनेडिक्ट ने ओबामा को शुभकामनाएँ दी हैं और उनसे विभिन्न देशों के बीच सहयोग और समझ बढ़ाने की अपील की है.

मिश्रित प्रतिक्रिया

फ्रांस के विदेश मंत्री बर्नार्ड काउचनर ने ओबामा के उदघाटन संबोधन की प्रशंसा की है और कहा है कि इससे नई अमरीकी विदेश नीति की झलक मिलती है.

उन्होंने कहा, "बराक ओबामा ने कहा है कि दुनिया बदल रही है और हमें भी बदलना चाहिए. हम सब के दुश्मन न बनें. उन्होंने शांति की बात की. ये उन्होंने इराक़ के बारे में कहा और यही अफ़ग़ानिस्तान के बारे में."

रूस ने उम्मीद जताई है कि ओबामा के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच विवादास्पद मुद्दे व्यावहारिक धरातल पर हल किए जाएंगे न कि विचारधारा के स्तर पर जैसा कि बुश प्रशासन ने करने की कोशिश की.

रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उनका देश बराक ओबामा के साथ काम करने के लिए तैयार है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि ओबामा के साथ मिसाइल डिफेंस, नैटो के विस्तार, हथियारों में कटौती जैसे विवादास्पद मुद्दों पर बात आगे बढ़ेगी.

इंडोनेशिया में खुशी

ओबामा के शपथ लेते ही इंडोनेशिया में भी खुशी की लहर दौर गई जहाँ अमरीकी राष्ट्रपति ने बचपन का बड़ा हिस्सा बिताया था.

ओबामा जिस स्कूल में पढ़ते थे वहाँ छात्रों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य पेश किए.

संवाददाताओं का कहना है कि इंडोनेशियाई लोग ओबामा के साथ जुड़ाव महसूस करते हैं.

उधर तुर्की ने उम्मीद जताई है कि ओबामा के शासनकाल में मध्य-पूर्व की समस्या हल करने में मदद मिलेगी.

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