फ़रहा सुधारेंगी मुस्लिम दुनिया से संबंध

फ़रहा पंडित
Image caption फ़रहा पंडित जॉर्ज बुश के कार्यकाल में भी काम कर चुकी हैं

भारतीय मूल की एक महिला को अमरीका और मुस्लिम दुनिया के बीच संबंध सुधारने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने फ़रहा पंडित को विशेष दूत नियुक्त किया है. वो दुनिया के मुस्लिम समुदाय और अमरीका के बीच संबंध सुधारने का काम करेंगी. क्लिंटन का मानना है कि फ़राह पंडित का अनुभव उनके काम में मददगार साबित होगा. हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "मुझे फ़राह पंडित को मुस्लिम समुदाय के लिए ख़ास प्रतिनिधि के पद पर नियुक्ति की घोषणा करते खुशी हो रही है. उन्हें इस पद पर काम का कई वर्षों का अनुभव है. वो दुनिया के मुसलमानों के साथ बेहतर संबंध बनाने की हमारी कोशिशों में मुख्य किरदार निभाएंगी." अमरीकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक फ़रहा पंडित को एक नए दफ़्तर का मुखिया बनाया गया है जो दुनिया भर के मुसलमानों के साथ अमरीका के संबंधों को बेहतर बनाने के लिए काम करेगा. भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर से ताल्लुक रखने वाली पंडित के माता-पिता श्रीनगर से 1969 में ही अमरीका के बास्टर में आकर बस गए थे. फ़रहा भी वहीं पली-बढ़ी हैं. उनकी माँ एक डॉक्टर हैं. फ़रहा अब वॉशिंगटन में रहती हैं. फ़रहा ने अपनी पढ़ाई अमरीका की टफ़्ट्स विश्वविद्यालय से की है और कई अमरीकी प्रशासन में उन्होंने सलाहकार के रूप में काम किया है. इससे पहले वे अमरीकी विदेश मंत्रालय में यूरोपीय मामलों के विभाग में भी मुसलमानों के साथ संबंधों के मामलों की सलाहकार के रूप में कार्यरत थीं.

अमरीका और मुसलमान

अमरीकी मुसलमानों के बारे में फ़रहा पंडित का कहना है, "अमरीका में हम इस्लाम का आदर करते हैं. यहाँ मुसलमान और इस्लाम दोनों ही अमरीकी समाज का हिस्सा हैं, जैसे अन्य धर्म अमरीका का हिस्सा हैं. जब हम अमरीकी समाज की शक्ति की बात करें तो हमें इस बुनियादी बात को याद रखना चाहिए." उनका मानना है कि अमरीका और अन्य देशों के मुसलमान युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए उनमें विश्वास पैदा करना ज़रूरी है. उनको ये समझाना भी ज़रूरी है कि वे अपने धर्म पर चलते हुए भी अमरीकी और पश्चिमी और आधुनिक समाज का अहम हिस्सा बने रह सकते हैं. फ़रहा पंडित ने पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और उनके पिता के कार्यकाल में भी काम कर चुकी हैं. उस दौरान उन्होंने अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा समिति और इराक़, अफ़गानिस्तान और फ़लस्तीन इलाक़ों में अमरीकी राहत संस्था में किया था. उनकी नियुक्ति को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के उस अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है जिसमें ओबामा ने अमरीका और दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के बीच संबंध बेहतर बनाने की बात कही है. इसी महीने के शुरू में मिस्र की राजधानी काहिरा में बराक ओबामा ने अपने एक अहम भाषण में अमरीका और मुसलमानों के बीच एक नए दौर की शुरुआत करने की अपील की थी. अपने भाषण में ओबामा ने कहा था कि अमरीका और मुस्लिम समुदाय एक-दूसरे का आदर करें और ग़लतफ़हमियाँ दूर करें.

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