युद्धविराम समझौते पर इसराइल की शर्त

एहुद ओल्मर्ट
Image caption ओल्मर्ट ने बयान जारी करके शर्त रखी है

इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट का कहना है कि वह ग़ज़ा में युद्धविराम को तब तक स्वीकार नहीं करेंगे, जब तक फ़लस्तीनी चरमपंथियों के क़ब्ज़े से एक इसराइली सैनिक को छोड़ा नहीं जाता.

वर्ष 2006 में फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने इसराइली सैनिक गिलाड शालित को पकड़ लिया था. इस तरह की ख़बरें आ रही थी कि मिस्र की मध्यस्थता से हमास और इसराइल के बीच दीर्घकालिक युद्धविराम समझौता होने वाला है. पिछले दिनों इसराइल में रॉकेट हमलों के ख़िलाफ़ ग़ज़ा में क़रीब तीन सप्ताह तक सैनिक कार्रवाई की. लेकिन एक अलग युद्धविराम के बाद उसने अपनी कार्रवाई रोक दी थी. अब इसराइली प्रधानमंत्री ओल्मर्ट की ओर से एक बयान आया है. बयान में कहा गया है- गिलाड शालित की रिहाई होने तक हमास के साथ युद्धविराम पर समझौता नहीं हो सकता.

गुरुवार को हमास के अधिकारियों ने उम्मीद जताई थी कि कुछ दिनों के अंदर इसराइल के साथ युद्धविराम समझौता हो सकता है.

नियंत्रण

Image caption ग़ज़ा में होने वाले हमलों में कई लोगों की मृत्यु हुई है

इस समझौते के तहत ग़ज़ा की सीमा खोलने की बात थी. इसराइल ने वर्ष 2007 से ग़ज़ा की नाकेबंदी कर रखी है. इसी साल हमास ने ग़ज़ा का नियंत्रण अपने हाथ में लिया था. बदले में इसराइल हथियारों की तस्करी पर रोक के अलावा ग़ज़ा से हमलों पर भी रोक चाहता है. हमास के एक वरिष्ठ नेता मूसा अबू मरज़ौक ने कहा था कि उनका संगठन 18 महीने लंबे युद्धविराम की शर्तों पर तैयार है. उनका कहना था कि अगले 48 घंटों में इसकी घोषणा हो सकती है. लेकिन ख़बर है कि इसराइल चाहता है कि युद्धविराम को समयसीमा में न बाँधा जाए. इसके अलावा मिस्र क़ैदियों की अदला-बदली पर बातचीत का नेतृत्व कर रहा है. अगर ऐसा हुआ तो इसराइल सैनिक गिलाड शिलात सैकड़ों फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई के बदले छोड़े जा सकते हैं. लेकिन हमास ने शिलात की रिहाई और प्रस्तावित युद्धविराम को जोड़ने से इनकार किया है.

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