ऐतिहासिक बाइबिल के पन्ने इंटरनेट पर

  • 6 जुलाई 2009

अब तक सही सलामत बची पहली ऐतिहासिक बाइबिल के क़रीब 800 पन्नों को सहेजकर इंटरनेट पर लोगों के दर्शन के लिए रखा गया है.

Image caption अब इस पुरानी कोडेक्स सिनेटिकस पांडुलिपि के पन्नों को इंटरनेट पर देखा जा सकता है.

वेबसाइट www.codexsinaiticus.org के पाठक अब 1600 साल से भी पुरानी कोडेक्स सिनेटिकस पांडुलिपि के आधे से ज़्यादा पन्नों की तस्वीरों को देख सकते हैं.

चौथी सदी के इन दस्तावेजों को चमड़े के कागज़ पर ग्रीक में लिखा गया है. इस पर रूस, मिस्र, जर्मनी और ब्रिटेन के शैक्षिक संस्थाओं ने काम किया है.

विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईसाई धर्म के प्रारंभिक विकास को दर्शाने वाली एक खिड़की है.

संरक्षण के रहस्य

ब्रिटिश पुस्तकालय में पश्चिमी पांडुलिपियों के प्रमुख डॉ स्कॉट मैक्केंड्रिक कहते हैं कि इन दस्तावेजों की लोगों तक आसान पहुँच ने शोध की तमाम संभावनाओं को जन्म दिया है.

उन्होंने कहा, "कोडेक्स सिनेटिकस पांडुलिपि दुनिया के महानतम लिखित खज़ानों में से एक है."

उनका कहना था, "1600 साल पुरानी यह पांडुलिपि प्रारंभिक ईसाइयत के विकास की खिड़की है और यह इस बात का सबूत भी है कि बाइबिल का मसौदा कैसे पीढ़ियों से अगली पीढ़ियों तक पहुँचता गया."

डॉ स्कॉट मैक्केंड्रिक ने कहा, "इस वास्तविक पांडुलिपि को देख पाने से दुनिया भर के शोधार्थियों को इसके अध्ययन की ऐसी सुविधा मिल गई है जो कुछ समय पहले तक नहीं थी."

उनके अनुसार इसकी असली पांडुलिपि में करीब 1460 पृष्ठ हैं और यह सभी 40 सेंटीमीटर लंबाई और 35 सेंटीमीटर चौड़ाई के हैं.

ब्रिटिश लाइब्रेरी इस पांडुलिपि की वेबसाइट की शुरूआत एक प्रदर्शनी से कर रही है जिसमें इस दस्तावाज से जुड़े अनेक ऐतिहासिक सामान और कलाकृतियाँ हैं.

पिछले 1500 सालों से कोडेक्स सिनेटिकस पांडुलिपि सिनाई मोनेस्ट्री (बौद्ध मठ) की धरोहर थी जो 1844 में पाए जाने के बाद मिस्र, रूस, जर्मनी और ब्रिटेन में बंट गई.

माना जाता है कि यह इसलिए सही सलामत बच गई क्योंकि रेगिस्तान की हवा संरक्षण के लिए बेहतरीन मानी जाती है और मुस्लिम समुद्र के बीच स्थित ईसाई द्वीप के इस बौद्ध मठ को किसी ने छेड़ा नहीं.

संस्थाओं की मेहनत के इस नतीजे को अब www.codexsinaiticus.org पर देखा जा सकता है.

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