'अल क़ायदा से जुड़े हैं तार'

Image caption उमरूची में गशत लगते चीनी सैनिक

चीन में विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसके पास इस बात का सुबूत है कि उमरूची में हुई हिंसा में शामिल लोगों का संबंध अल क़ायदा और अन्य चरमपंथी संगठनों से है.

हालांकि मंत्रालय के प्रवक्ता किन गैंग ने कोई सूबूत पेश नहीं किए. उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज में स्थायित्व बनाए रखने की चीन की कोशिशों का अंतरराष्ट्रीय समुदाय समर्थन करेगा.

रविवार को हुई हिंसा में 150 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

चीन के प्रमुख नेतृत्व ने कहा है कि शिनजियांग में हिंसा में शामिल लोगों को कड़ी सज़ा मिलेगी. सरकारी मीडिया के मुताबिक नेतृत्व की ओर से उमरूची हिंसा पर ये पहली टिप्पणी है.

बुधवार को चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ को इटली में जी-आठ सम्मेलन बीच में छोड़कर स्वदेश लौटना पड़ा था.

चीन ने अमरीका में बसी और निर्वासित विगर नेता रेबिया कदीर पर फिर आरोप लगाया है कि वो उमरूची में अशांति फैला रही हैं.

तनाव बरकरार

इस बीच मुस्लिम विगर समुदाय और हैन चीनी लोगों के बीच हिंसा रोकने के लिए उमरूची में सेना तैनात है. शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति ने पोलितब्यूरो के अन्य नेताओं से मुलाक़ात कर इस समस्या के बारे में चर्चा की है.

गुरुवार को आए बयान में कहा गया है कि शिनजियांग में शांति बनाए रखना सबसे अहम काम है.स्थानीय कम्युनिस्ट अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि हिंसा के दौरान हत्या के दोषियों को फाँसी की सज़ा दी जाएगी.

गुरुवार को हेलीकॉप्टरों के ज़रिए उमरूची में पर्चे फेके गए जिसमें शांति की अपील की गई है और हिंसा के लिए कट्टरवादियों को दोषी ठहराया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उमरूची के आसपास मस्जिदों तो खुली थीं लेकिन जनजीवन सामान्य नहीं हुआ है और लोगों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों और हैन चीनी समुदाय के लोगों से डरे हुए हैं.

जब-जब सुरक्षाकर्मियों के ट्रक निकलते हैं तो हैन चीनी समुदाय के लोग उनका स्वागत करते हुए देखे जा सकते हैं. सुरक्षाकर्मियों के पास 'हमे आतंकवादियों को हराना है' जैसे नारों वाले बैनर हैं.

विगर समुदाय का कहना है कि रविवार को मारे गए लोगों में से 90 फ़ीसदी उनके समुदाय के हैं. माना जा रहा है कि 1400 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

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