जानकारी छिपाने का आरोप

  • 13 जुलाई 2009

अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के प्रमुख ने पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एक ख़ुफ़िया कार्यक्रम की जानकारी अमरीकी कांग्रेस से छिपाई.

Image caption डिक चेनी पर क़ानून तोड़ने का आरोप है

अमरीकी संसद के एक शीर्ष सीनेटर ने यह जानकारी दी है. 11 सितंबर 2001 की घटना के बाद बनाए गए इस कार्यक्रम को आठ वर्ष तक छिपाया गया और अब भी इस कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर डाएन फ़िएन्सटिन ने इस बात की पुष्टि की है कि सीआईए के प्रमुख लियों पेनेटा ने एक संसदीय समिति को बताया कि इस कार्यक्रम के बारे में सुनकर उन्होंने इसे बंद कर दिया.

सीनेटर फ़िएन्सटिन के मुताबिक़ पेनेटा ने कहा कि इस कार्यक्रम को रहस्य बनाए रखने के पीछे डिक चेनी थे.

कैलिफ़ोर्निया से सीनेटर और सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की प्रमुख फ़िएन्सटिन ने रविवार को फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत में कहा कि लियों पेनेटा ने 24 जून को उन्हें इस कार्यक्रम के बारे में बताया.

पेनेटा ने उन्हें यह भी बताया कि इस कार्यक्रम के बारे में सुनने के तुरंत बाद उन्होंने इसे बंद कर दिया. सीनेटर फ़िएन्सटिन ने कहा कि इस मामले में हो सकता है कि बुश प्रशासन ने क़ानून तोड़ा हो.

उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 11 सितंबर की घटना के बाद की स्थिति के बावजूद कांग्रेस को अंधेरे में नहीं रखा जा सकता.

सीनेटर फ़िएन्सटिन ने कहा, "ये बहुत बड़ा मसला है. मैं उस समय की ज़रूरत समझ सकती हूँ. लेकिन मेरा ये भी मानना है कि आप क़ानून के दायरे से बाहर जाकर अपना केस कमज़ोर करते हैं."

दावे-प्रतिदावे

दूसरी ओर टेक्सस से रिपब्लिकन सांसद जॉन कॉर्निन ने फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत में कहा है कि ये राजनीतिक क़दम है ताकि कांग्रेस में संकट का सामना कर रहे डेमोक्रेटिक नेताओं की ओर से लोगों का ध्यान हटाया जा सके.

ये दावा ऐसे समय आया है जब सीआईए और कांग्रेस के बीच इस बात पर लेकर विवाद चल रहा है कि क्या एजेंसी के कामकाज के अन्य पक्षों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ छिपाई गईं.

Image caption पेनेटा ने कांग्रेस कमेटी के सामने ये दावा किया है

अमरीकी कांग्रेस की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने दावा किया है कि सीआईए ने पूछताछ के तरीक़ों के बारे में उन्हें बरगलाया. जबकि अन्य डेमोक्रेटिक नेताओं का कहना है कि सीआईए प्रमुख पेनेटा नने स्वीकार किया है कि उनके कार्यभार संभालने से पहले एजेंसी कांग्रेस को नियमित रूप से ग़लत जानकारी देती थी.

अभी तक उस कार्यक्रम के बारे में विवरण नहीं आए हैं, जिसे छिपाने की बात कही जा रही है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसका संबंध सीआईए के 'रेन्डिशन प्रोग्राम', पूछताछ के विवादित तरीक़ों या एक विवादित घरेलू निगरानी परियोजना से नहीं है.

अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि 11 सितंबर के हमलों के तुरंत बाद सीआईए के आतंकवाद निरोधक अधिकारियों ने ये कार्यक्रम शुरू किया था. इस कार्यक्रम में योजना तैयार करना और प्रशिक्षण देना शामिल था, लेकिन यह कभी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाया.

दूसरी ओर एक अनाम अधिकारी ने समाचार एजेंसी एपी को बताया है कि यह ख़ुफ़िया जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश थी, जिसका मक़सद ऐसी ख़ुफ़िया जानकारी हासिल करना था जिसे विदेशों में गुप्त अभियानों में इस्तेमाल किया जाता.

वॉशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता किम घटास का कहना है कि ख़ुफ़िया क्षेत्रों में इस बात पर बहस चल रही है कि यह कार्यक्रम वाक़ई कितना महत्वपूर्ण था.

संबंधित समाचार