भ्रष्टाचार: अमरीका में गिरफ़्तारियाँ

अमरीकी जाँच एजेंसी फ़ेडेरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (एफ़बीआई) ने न्यू जर्सी प्रांत में एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले में 40 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया है.

Image caption कई यहूदी धर्मगुरु भी पकड़े गए हैं

इनमें राजनेता, अधिकारी, मेयर और यहूदी धर्मगुरु भी शामिल हैं. ये गिरफ़्तारियाँ क़रीब 10 साल चली जाँच के बाद हुई हैं.

जाँच के दौरान अमरीका, इसराइल और स्विट्ज़रलैंड में काले धन के व्यापार से लेकर किडनी की तस्करी तक के मामले सामने आए हैं.

गिरफ़्तार लोगों में न्यू जर्सी प्रांत के तीन मेयर और प्रांतीय विधायिका के दो सदस्य शामिल हैं. इनमें से एक होबोकेन शहर के मेयर पीटर कैमेरानो भी हैं, जिन्होंने 23 दिन पहले ही पद संभाला था. उन पर 25 हज़ार डॉलर घूस लेने का आरोप है.

कार्यकारी अटॉर्नी राल्फ मारा ने बताया है कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों ने ब्वॉयलर रूम, बेसमेंट और बाथरूम तक में साज़िश रची. इन लोगों ने अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के लिए राजनीति और धर्म का सहारा लिया.

छापा

एफ़बीआई के 300 एजेंटों ने न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में कई जगह छापे मारे. अटॉर्नी राल्फ़ मारा के मुताबिक़ काले धन के व्यापार के मामले में जिन 15 संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया है, उनमें पाँच यहूदी धर्मगुरू और उनके साथी भी शामिल हैं.

मारा ने पत्रकारों को बताया, "ऐसा लग रहा था कि हर व्यक्ति को कुछ न कुछ हिस्सा चाहिए था. भ्रष्टाचार व्यापक था. अभियुक्तों के लिए भ्रष्टाचार जीने का एक रास्ता था."

उन्होंने कहा कि राजनेताओं ने अपने को जान-बूझकर बेचा तो धर्मगुरुओं ने धर्म की आड़ में अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाया.

यह भी आरोप है कि एक व्यक्ति को एक दशक से इसराइली लोगों से किडनी लेकर उन्हें भारी क़ीमत में बेच रहा था.

माना जा रहा है कि इसराइली लोगों को एक किडनी के लिए 10 हज़ार डॉलर दिए जाते थे और बाद में एक किडनी एक लाख 60 हज़ार डॉलर में बेची जाती थी.

जाँच अधिकारियों का कहना है कि पहले जाँच करोड़ों डॉलर के काले धन के व्यापर पर केंद्रित थी, जिसमें न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क के यहूदी धर्मगुरुओं के शामिल होने के संदेह था.

लेकिन बाद में जाँच के दौरान भ्रष्टाचार के कई बड़े मामले भी सामने आने लगे.

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