ईरान पर आशान्वित नहीं हिलेरी

  • 24 जुलाई 2009

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमरीका ईरान के साथ बातचीत करना चाहता है लेकिन वहाँ चल रही अस्थिरता के कारण ईरान जवाब नहीं दे रहा है.

Image caption हिलेरी को मौजूदा सरकार से कम उम्मीद है

हिलेरी क्लिंटन ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि अमरीका ईरान की ओर से जवाब का इंतज़ार कर रहा था लेकिन मौजूदा स्थिति में ईरान कोई फ़ैसला करने में समर्थ नहीं है.

हाल ही में अमरीकी विदेश मंत्री ने ईरान को चेतावनी दी थी और कहा था कि जवाब देने के लिए उसके पास सीमित समय है.

अमरीका ईरान पर परमाणु हथियारों के लिए कार्यक्रम का आरोप लगाता रहा है लेकिन ईरान इससे इनकार करता है. ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.

बीबीसी संवाददाता किम घटास के साथ बातचीत में हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "हमें अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम क्या करना चाहते हैं. हालाँकि हमने वहाँ राष्ट्रपति चुनाव और उसके बाद जो भी हुआ उसकी आलोचना की थी. मैं नहीं समझती कि इस समय ईरान सरकार इस पर कोई फ़ैसला करने में समर्थ है."

पेशकश

सत्ता संभालने के बाद से ही अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से अलग ईरान के साथ बातचीत की बात कही थी.

इस साल मार्च में उन्होंने ईरानी लोगों और नेताओं के साथ नई शुरुआत की पेशकश की थी और कहा था कि उनकी सरकार कूटनीति में यक़ीन करती है.

ईरान में विपक्षी उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद पर चुनाव में धाँधली का आरोप लगाया था. ईरान में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. सैकड़ों लोग अब भी पुलिस हिरासत में हैं.

इस बीच राष्ट्रपति चुनाव में अहमदीनेजाद के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी मीर हुसैन मुसावी ने व्यापक आधार वाले एक राजनीतिक मोर्चे के गठन की योजना का ऐलान किया है.

मुसावी ने कहा कि इस मोर्चे का एक चार्टर होगा और ये मोर्चा विपक्ष के आंदोलन को एक क़ानूनी राजनीतिक ढाँचा प्रदान करेगा.

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