डेढ़ सौ साल बाद 'राजा' की वापसी

यह एक राजा के डेढ़ सौ साल से अधिक समय बाद घर वापसी की दुखद और रोमांचक कहानी है.

Image caption राजा बोंज़ू के क़बीले के प्रमुख ने धरती पर शराब उड़ेल कर पारंपरिक ढंग से राजा की आत्मा का आह्लान किया

यह वापसी दरअसल राजा की नहीं, उसके कटे हुए सिर की वापसी की कहानी है.

नीदरलैंड्स ने पश्चिमी अफ़्रीकी देश घाना को, उस राजा का सिर लौटा दिया है जिसे 1838 में डच उपनिवेशकों ने मृत्युदंड दे दिया था.

राजा बादु बौंज़ू द्वितीय को, दो डच अधिकारियों की हत्या के अपराध में फांसी दी गई थी और उनका सिर काटकर नैदरलैंड्स ले जाया गया था.

राजा बादु बौंज़ू द्वितीय का सिर, फ़ॉर्मल्डिहाइड के घोल में एक काँच के एक मर्तबान में रखा गया था. यह सिर दशकों तक एक संग्रहालय के गोदाम में रखा रहा या यूं कहें कि उपनिवेशवाद के दमन की कहानी सुनाता रहा.

लेकिन एक समझौते के अधीन राजा बादु बौंज़ू का सिर उनके क़बीले के सदस्यों को लौटा दिया गया, जो विशेष रूप से इसी काम के लिए नीदरलैंड्स आए थे.

राजा का सिर वापस मिलने पर उन्होने एक अनुष्ठान किया जिसमें मृत राजा का गुणगान करके और धरती पर शराब उड़ेल कर उनकी आत्मा का आह्वान किया गया.

बहुत कम लोगों ने इस सिर को देखा है और उनमें डच लेखक आर्थर जेपिन भी हैं जिन्होने घाना पर एक ऐतिहासिक उपन्यास भी लिखा है.

उनका कहना है, "यह सिर सचमुच दर्शनीय है. यह एक 35 वर्षीय पुरुष का सिर है जिसकी आंखे बंद हैं जैसे वह सो रहा हो. उसकी छोटी दाढ़ी भी है. जिस क्षण मैंने उसे देखा मुझे लगा कि उसे वापस जाना है."

यह सिर उन बहुत से मानव अवशेषों में से एक है जिन्हे उपनिवेशी ताक़तें अपने साथ यूरोप ले गई थीं और उन्हें संग्रहालयों में रख रखा था.

उदाहरण के तौर पर स्कॉटलैंड ने मूल निवासी आदिवासी माओरियों के संरक्षित सिर न्यूज़ीलैंड को लौटाए और लंदन के एक संग्रहालय ने ऑस्ट्रेलिया के 18 मूलनिवासियों के अवशेष लौटाए.

जब से घाना को यह पता चला कि राजा बादु बौंज़ू का सिर नैदरलैंड्स में रखा है तभी से वो उसे लौटाए जाने की मांग कर रहा था.

उसका तर्क था कि मृत राजा को तब तक शांति नहीं मिलेगी जब तक उन्हे स्वदेश नहीं पहुंचाया जाता.

घाना की संस्कृति में मृतकों का बहुत आदर किया जाता है.

घाना के इतिहासकारों का कहना है कि उनके एक राजा का सिर का शरीर रचना के एक संग्रहालय में रखा जाना न केवल उस राजा के लिए बल्कि पूरे देश के लिए अपमानजनक है.