गांधीजी का घर बिकेगा बाज़ार में

Image caption गांधी जी ने दक्षिण अफ़्रीका में 21 वर्ष बिताए

दक्षिण अफ़्रीका में वो घर बाज़ार में बिकने जा रहा है जिसमें 20वीं सदी में कभी महात्मा गांधी रहा करते थे.

घर की मालकिन का कहना है कि वो ऐसी किसी संस्था ढूँढने में विफल रही हैं जो इस इमारत की विरासत को सहेज कर रख सके, इसलिए वे इसे बेच रही हैं.

अमरीका की कलाकार नैंसी बॉल जोहान्सबर्ग के इस घर में 25 साल से रह रही हैं पर अब वे वहाँ से जा रही हैं.

महात्मा गांधी इस घर में 1907 से लेकर करीब तीन वर्षों तक रहे. उस समय वे अहिंसा के सिद्धांत पर अपनी नीति पर अध्ययन कर रहे थे.

गांधी जी दक्षिण अफ़्रीका में 21 वर्षों तक थे. वहाँ वे बतौर वकील काम किया करते थे.

विरासत

महात्मा गांधी ने भारतीयों को वहाँ समान नागरिक अधिकार को लेकर आवाज़ उठाई थी और भारत लौटने से पहले वे इस मकसद में सफल भी रहे थे.

गांधीजी 1893 में दक्षिण अफ़्रीका आए थे. 1903 में साप्ताहिक अख़बार इंडियन ओपिनियन शुरु किया गया. 1914 में वे भारत लौट गए थे.

नैंसी बॉल ने दक्षिण अफ़्रीका के अख़बार द टाइम्स को बताया, "जो भी भारतीय यहाँ आते हैं वो इस घर में काफ़ी दिलचस्पी लेते हैं. हमें लगता है कि गांधीजी यहाँ शांतिमय माहौल छोड़ कर गए हैं. ये बहुत ख़ास जगह है."

उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका में भारतीय समुदाय और अन्य लोगों में इस घर को लेकर जागरुकता और रुचि पैदा करने के लिए काफ़ी कोशिश की लेकिन नैंसी का कहना है कि वे कामयाब नहीं रही और अब वे इसे बेच रही हैं.

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