विवाद सुलझाने की अनोखी पहल

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीकी मीडिया में पिछले कुछ दिनों से कथित नस्लभेदी विवाद को अपने ढंग से सुलझाने की कोशिश की है.

Image caption ओबामा ने पुलिस अधिकारी की आलोचना की थी

इस विवाद में ख़ुद राष्ट्रपति बराक ओबामा भी हैं. तो इस विवाद को ख़त्म करने के लिए राष्ट्रपति ओबामा ने एक काले प्रोफ़ेसर और एक गोरे पुलिस अधिकारी के साथ बीयर पी.

और पीने-पिलाने का ये दौर कहीं और नहीं व्हाइट हाउस में चला. राष्ट्रपति ओबामा की उस समय काफ़ी आलोचना हुई थी जब उन्होंने कह दिया कि पुलिस अधिकारी जिम क्रोली ने प्रोफ़ेसर हेनरी लुईस गेट्स को गिरफ़्तार करके बेवकूफ़ी वाला काम किया है.

दरअसल हुआ यों कि प्रोफ़ेसर गेट्स जब विदेश यात्रा से घर लौटे तो उन्होंने अपने घर का दरवाज़ा फँसा हुआ पाया. उसे खोलने के लिए उन्होंने और ड्राइवर ने मिलकर धक्का दिया. पड़ोस की एक महिला ने देखा कि दो काले व्यक्ति ज़ोर-ज़बरदस्ती करके मकान में घुसने की कोशिश कर रहे हैं तो उसने पुलिस को फ़ोन कर दिया.

विवाद

हालांकि इस घटना के तथ्यों को लेकर विवाद है लेकिन जब पुलिस पहुँची तो उसने प्रोफ़ेसर गेट्स से अपना पहचान पत्र दिखाने को कहा. वो बिगड़ पड़े तो उनसे घर से बाहर आने को कहा गया और उन्हे गिरफ़्तार कर लिया गया.

पुलिस का दावा है कि प्रोफ़ेसर गेट्स पुलिस अधिकारी पर चिल्लाए और उस पर नस्लभेदी होने का आरोप लगाया. बाद में प्रोफ़ेसर गेट्स को बिना किसी अभियोग के रिहा कर दिया गया.

राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ बीयर पीने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस अधिकारी जिम क्रोली ने कहा कि बैठक के दौरान इस पर सहमति हुई कि पीछे देखने की बजाए आगे बढ़ना ज़्यादा महत्वपूर्ण है.

क्रोली के मुताबिक़ वे और प्रोफ़ेसर गेट्स इस बात पर भी राज़ी थे कि मतभेद के बचे हुए मुद्दों पर ग़ौर करने की आवश्यकता है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस कथित नस्लभेदी विवाद को अमरीकी मीडिया में इतनी जगह मिली है कि राष्ट्रपति ओबामा की स्वास्थ्य सुधार और अर्थव्यवस्था में जान फूँकने की कोशिशें पृष्ठभूमि में चली गई.

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