ईरान: सौ प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा

मुक़दमा
Image caption ईरान में हुए प्रदर्शनों के दौरान कई लोग मारे गए थे.

ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का विरोध करने वाले एक सौ प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा शुरु हो गया है.

ईरान के सबसे बड़े सुधारवादी दल मोशारेकात ने प्रशासन के इस क़दम को हास्यास्पद बताया है.

लगभग सौ प्रदर्शनकारी शनिवार को अदालत में पेश हुए. उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा के ख़िलाफ़ गतिविधि चलाने और उपद्रव फैलाने का आरोप लगाया गया है.

जून में राष्ट्रपति चुनाव में महमूद अहमदीनेजाद को दोबारा विजयी घोषित किए जाने के बाद विपक्षी दलों ने मतगणना में व्यापक धांधली के आरोप लगाए थे और हफ़्तों तक चले विरोध प्रदर्शनों में कई लोग मारे गए थे.

जब मुक़दमे की सुनवाई शुरु हुई तो पूर्व उप राष्ट्रपति मोहम्मद अली अबतही ने अदालत में स्वीकार किया कि चुनाव में गड़बड़ी का ग़लत आरोप लगाकर सत्ता परिवर्तन की साजिश रची गई.

लेकिन मोशारेकात ने कहा है कि अबतही ने दबाव में आकर ये बयान दिया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अधिकारियों को उम्मीद है कि मुक़दमे से विपक्ष दल डर जाएंगे और शांति लौटेगी.

अमरीकी गिरफ़्तार

इस बीच ख़बरें आ रही हैं कि ईरान की पुलिस ने इराक़ सीमा के पास से तीन अमरीकी नागरिकों को गिरफ़्तार किया है. ये तीनों शुक्रवार को इराक़ी कुर्दिस्तान से लापता हो गए थे.

अमरीका ने कहा है कि वह इस घटना को गंभीरता से ले रहा है.

ईरानी टेलीविज़न का कहना है कि तीनों को सीमा का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह इस मामले में तथ्यों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है.

ईरान और अमरीका के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं. ईरान में राष्ट्रपति चुनाव में गड़बड़ी का विरोध करने वालों पर हुई कार्रवाई की अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने आलोचना की थी.