केवल दुआ की, दवा नहीं दी

  • 2 अगस्त 2009
Image caption अमरीकी ज्यूरी ने डेल न्यूमैन को अपनी बच्ची को मारने का दोषी पाया है

अमरीका की ज्यूरी ने एक व्यक्ति को अपनी बच्ची को मारने का दोषी पाया है. आरोप ये था कि उसने बीमार बच्ची का इलाज करवाने के बजाए केवल उसके ठीक होने की दुआ करना मुनासिब समझा.

डेल न्यूमैन ने विसकॉन्सिन की एक अदालत को बताया कि उन्हें लगता था कि भगवान उनकी बेटी को ठीक कर देंगे.

ये बच्ची पिछले मार्च में ऐसी बीमारी के कारण मर गई जिसका इलाज हो सकता है. उसे मधुमेह था जिसके बार में पता ही नहीं चल सका और उसके आसपास लोग केवल प्रार्थना करते रहे.

डेल न्यूमैन की पत्नी को भी अदालत ने दोषी पाया था. इन दोनों को अक्तूबर में सज़ा सुनाई जाएगी और इन्हें 25 साल तक जेल की सज़ा हो सकती है.

डेल न्यूमैन के वकील ने कहा है कि वे अपील करेंगे.

इलाज नहीं करवाया

मुक़दमे के दौरान मेडिकल विशेषज्ञों ने अदालत को बताया कि अगर बच्ची का इलाज करवाया जाता तो वो बच सकती थी.

वहीं बच्ची के पिता डेल ने कहा, "अगर मैं डॉक्टर के पास जाता तो इसका मतलब होता कि मैं डॉक्टर को भगवान से पहले रख रहा हूँ."

डेल ने ये भी कहा कि उन्हें लगा कि बच्ची को बुख़ार या फ़्लू है और उन्हें पता नहीं था कि वो इतनी बीमार है.

वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि डेल न्यूमैन ने अपने स्वार्थी विचारों के तहत बच्ची को मरने दिया.

उनके मुताबिक बच्ची को अस्पताल लेकर जाना चाहिए था क्योंकि वो न ही चल पा रही थी और न ही खा-पी पा रही थी. इसके बजाए एम्बुलेंस को तब बुलाया गया जब बच्ची ने दम तोड़ दिया.

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