सूडान में जातीय संघर्ष में 185 की मौत

सूडान
Image caption सूडान में महिलाओं और बच्चों को हिंसा का निशाना बनाया गया

अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी सूडान में कम से कम 185 लोग मारे गए हैं. इनमें अधिकांश महिलाएँ और बच्चे हैं.

ख़बरों के अनुसार लॉउ नुएर समुदाय के लोग अकोबा शहर में मछली मारने गए थे तो एक अन्य समुदाय, मुरले के लड़ाकों ने उन पर हमला कर दिया.

ये हमला रविवार तड़के सुबह किया गया. इस दौरान सुरक्षा में तैनात सूडानी सेना के 11 सैनिक भी मारे गए.

दरअसल सूडान में खाने की भारी कमी है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस साल ऐस तरह घटनाओं में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

ये संख्या सूड़ान के दाफ़ूर संघर्ष में मारे गए लोगों से कहीं ज्यादा हैं.

अकोबा के कमिश्नर गोई जूयुल योल का कहना था कि 185 शवों की गिनती की जा चुकी है और मरनेवालों की संख्या और बढ़ सकती है.

कमिश्नर का कहना था,'' झाड़ियों में और शव हो सकते हैं, हमें अभी मरनेवालों की संख्या के बारे में पूरी तरह पता नहीं है.''

उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा,'' ये हमला सुनियोजित था. हमले की पहले तैयारी की गई थी क्योंकि उन्हें पता था कि किन लोगों को निशाना बनाना है.''

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सूडान के इस हिस्से में लोग बेहद ग़रीब है और जातीय संघर्ष की घटनाएँ आम हैं.

राज्य के गवर्नर का कहना था कि मारे गए लोग खाने की तलाश में गए थे क्योंकि नदी के जरिए लाए जानेवाली खाने की आपूर्ति पर जून में हुए हमले के बाद वहाँ खाद्यान्न की कमी हो गई है.

विश्लेषकों का कहना है कि सूडान में ये हिंसा ऐसे वक्त हुई है जब उत्तर और दक्षिणी हिस्सों में तनाव है, साथ ही अप्रैल, 2010 में वहाँ चुनाव होने हैं.

चुनावों के बाद 2011 में दक्षिण हिस्से में जनमत संग्रह होगा और ऐसा माना जा रहा है कि ये अफ़्रीकी देश दो हिस्सों में बंट सकता है.

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