दो सौ ब्रितानी सैनिकों की मौत

ब्रितानी सैनिक का शव
Image caption ब्रिटेन में अब सैनिकों की स्थिति को लेकर असंतोष बढ़ने लगा है

ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान में जारी सैनिक संघर्ष में अब तक उनके 200 सैनिक मारे जा चुके है.

अफ़ग़ानिस्तान में वर्ष 2001 से तालेबान के ख़िलाफ़ नैटो सेना का सशस्त्र अभियान जारी है और ब्रिटेन भी इस अभियान में शामिल है.

जिस 200वें सैनिक की मौत की बात रक्षा मंत्रालय की ओर से सार्वजनिक की गई है, उसकी मौत संघर्ष के दौरान बुरी तरह से घायल होने के कारण हुई है.

ब्रितानी रक्षा मंत्री बॉब एंसवर्थ ने कहा है कि ब्रिटेन अपने प्रत्येक सैनिक की मौत से आहत और दुखी है.

हालाँकि उन्होंने कहा कि इन सैनिकों को मालूम है कि अफ़ग़ानिस्तान को दोबारा चरमपंथियों का स्वर्ग बनने से रोकने के लिए उन्हें अपना बलिदान देना होगा.

संघर्ष की क़ीमत

वैसे अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में जारी संघर्ष के लिए ब्रिटेन से भी ज़्यादा क़ीमत अदा की है. अमरीका के अब तक 500 से भी ज़्यादा सैनिक तालेबान विरोधी अभियान में मारे जा चुके हैं.

ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक़ एक ब्रितानी सैनिक हेलमंद में एक विस्फोट की चपेट में आ गया था और इसके बाद इंग्लैंड में सैनिक अस्पताल में चल रहे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. वो अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष के कारण मारा गया 200वाँ ब्रितानी सैनिक था.

लेकिन अमरीका और ब्रिटेन के नुकसान से कहीं ज़्यादा बड़ा आँकड़ा अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए लोगों का है. हज़ारों की तादाद में आम लोग इस संघर्ष की बलि चढ़ चुके हैं.

दूसरी ओर ब्रिटेन में इस बात को लेकर असंतोष बढ़ता नज़र आ रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में संघर्षरत ब्रितानी सैनिकों को सही और पर्याप्त संसाधनों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है.

हालाँकि सरकार इस तर्क पर अपना पक्ष रखते हुए लगातार यही कहती रही है कि सैनिकों के पास वो सब कुछ है, जो लड़ाई के लिए उन्हें चाहिए.

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