'इराक़ में समलैंगिकों की हत्याएँ'

  • 18 अगस्त 2009
समलैंगिक
Image caption समलैंगिकों के साथ बलात्कार भी किया गया.

इराक में समलैंगिकों की हत्या का एक नया सिलिसिला देखने में आ रहा है.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक समलैंगिकों को निशाना बना कर सुनियोजित तौर पर उनकी हत्या की जा रही है.

इराक़ में समलैंगिकता अपराध नहीं है, लेकिन ह्यूमन राइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन इन हत्याओं को रोकने के लिए कोई विशेष प्रयास करता दिखाई नहीं देता.

संस्था की रिपोर्ट में इन हत्याओं के पीछे मिलिशिया गुटों का हाथ बताया गया है, लेकिन सरकार की कोताहियों को भी ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने ऐसी अधिकतर घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, बल्कि कुछ मामलों में सरकार ने इस हिंसा में अपना सहयोग भी दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक ये ह्तयाएं इस साल के आरंभ में उस समय शुरू हुई थीं, जब बग़दाद के रूढिवादी समझे जाने वाले इलाकों में ऐसे पोस्टर लगे दिखाई दिये जिनमें समलैंगिक पुरुषों से दूर रहने को कहा गया था.

हत्याएँ

इन पोस्टरों में इलाके के, कथित तौर पर समलैंगिक बताये गये, लोगों के नामों की न केवल सूची दी गई थी, बल्कि उनके घरों का पता भी प्रकाशित किया गया था.

कार्यकर्ताओं के मुताबिक समलैंगिकों को निशाना बनाकर की गई हत्याओं के जनवरी से शुरू हुए इस सिलिसले में अब तक 90 समलैंगिकों की हत्या हो चुकी है.

ह्यूमन राइट्स वॉच ने दर्जनों ऐसे मामलों के दस्तावेज़ इकटठे किए हैं जिनसे पता चलता है कि मृतकों को मारने से पहले उनके साथ बलात्कार किया गया, उन्हें प्रताड़ित किया गया, और उनके अंग काट डाले गये.

संस्था का कहना है कि इस तरह की वारदातों के लिए मुख्य रूप से शिया मिलिशिया गुट ज़िम्मेदार हैं, लेकिन कुछ मामलों में इराकी पुलिस की कोताही भी उजागर हुई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक में समलैंगिकता अपराध न होने के बावजूद कई मामलों में पुलिस ने समलैंगिकों को गिरप्तार करके ख़ुद मिलिशिया गुटों के हवाले किया.

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