आत्मघाती हमले में दस मरे, 50 घायल

हमला
Image caption हमले में पचास से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में पश्चिमी देशों के सैनिकों के काफ़िले पर आत्मघाती हमला हुआ है.

मंगलवार को हुए इस हमले में दस लोग मारे गए हैं और पचास से ज़्यादा घायल हुए हैं.

ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब वहां राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियाँ अंतिम चरण में है और बीस अगस्त को मतदान होना है.

आत्मघाती कार बम धमाके में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) का एक सैनिक और नौ अफ़ग़ान नागरिक मारे गए. इनमें दो संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करते थे.

तालेबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

हमले की जगह पर ही दुकान चलाने वाले जावेद अहमद का कहना था, "मैं उस समय अपनी दुकान में था. धमाका हुआ और ये अचानक मेरे ऊपर गिर गया. मैं किसी तरह भागा. मैंने कई लोगों के शव देखे."

चरमपंथियों ने चुनाव में बाधा पहुँचाने की चेतावनी दी है.

मंगलवार को ही राष्ट्रपति हामिद करज़ई के घर पर रॉकेट से हमला किया गया.

मीडिया से अपील

Image caption नैटो फ़ौजें अब पूरी तरह से चुनावी सुरक्षा पर ध्यान देंगी.

राष्ट्रपति निवास के एक उप-प्रवक्ता ने कहा है कि वहां हुए रॉकेट हमले में न तो राष्ट्रपति हामिद करज़ई और न ही किसी और को किसी तरह की चोट आई है.

करज़ई ने इन हमलों पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है, "ऐसे हमले अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को वोट डालने से नहीं रोक पाएंगे. वे दुश्मनों की कोशिशों के बावजूद वोट डालेंगे और इस तरह के बर्बर हमलों के प्रति विरोध जताएंगे."

राष्ट्रपति कार्यालय ने मीडिया से अपील की है कि चुनाव के दिन हिंसा की ख़बरों का प्रसारण नहीं करे क्योंकि इससे आम मतदाता भयभीत हो सकता है.

इस चुनाव में वैसे तो वर्तमान राष्ट्रपति हामिद करज़ई के फिर से वापस आने की संभावना है लेकिन पूर्व वित्तमंत्री अब्दुल्ला अब्दुल्ला उन्हें कड़ा मुक़ाबला दे रहे हैं.

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