बग़दाद में धमाके, 95 मारे गए

इराक़ में हमला
Image caption बग़दाद में ये हमला काफ़ी सुरक्षित माने जाने वाले ग्रीन ज़ोन के पास हुआ

इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी ने राजधानी बग़दाद में गुरुवार को हुए धमाकों में 95 लोगों के मारे जाने के बाद सुरक्षा स्थिति का दोबारा आकलन किए जाने का आदेश दिया है.

राजधानी बग़दाद में गुरुवार को पिछले एक साल में हुए सबसे भीषण बम हमलों में 95 लोग मारे गए और 400 से ज़्यादा घायल हो गए.

इराक़ में सरकारी दफ़्तरों और इमारतों को निशाना बनाते हुए पाँच धमाके हुए.

वहाँ सरकारी इमारतें एक सुरक्षित क्षेत्र में हैं जिसे ग्रीन ज़ोन कहा जाता है. उसके बाहरी इलाक़े में ही इराक़ी विदेश मंत्रालय का दफ़्तर है और उसके पास ही एक गाड़ी में विस्फोट हुआ. एक अन्य विस्फोट वित्त मंत्रालय की इमारत के पास हुआ.

बग़दाद में पहले भी हमले होते रहे हैं मगर कड़ी सुरक्षा दीवार से घिरे शहर में इस तरह विस्फोट होना असामान्य बात है.

बग़दाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता नतालिया अंतेलावा का कहना है कि इस साल जून से जब से इराक़ी सुरक्षा बलों ने वहाँ की सुरक्षा की कमान सँभाली है आम तौर पर हमले शिया बहुल ग़रीब इलाक़ों में ही होते रहे हैं.

इराक़ी सरकार के एक सलाहकार साद यूसुफ़ अल-मुत्तालाबी ने एक बार फिर सऊदी अरब में स्थिति धार्मिक संस्थानों पर हमले में हाथ होने का आरोप लगाया है.

सुनियोजित हमला

इराक़ में 2006 और 2007 में सबसे भयानक हमले हुए थे. उसके मुक़ाबले अब हिंसा कम हुई है मगर बम हमले अब भी जारी हैं.

अस्पताल के अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि ये काफ़ी सुनियोजित ढंग से किए गए हमले थे.

दो धमाके बड़े थे और माना जा रहा है कि वे विस्फोट ट्रक के ज़रिए किए गए. उसके बाद शहर में धुएँ का गुबार उठता देखा गया.

सबसे बड़ा विस्फोट विदेश मंत्रालय के बाहर हुआ. ये विस्फोट इतना भयानक था कि संसद की इमारत की खिड़कियों के शीशे तक टूट गए जो कि ग्रीन ज़ोन में काफ़ी अंदर है.

उस विस्फोट की जगह पर 10 फ़ुट गहरा गड्ढा हो गया है और उसके आस पास काफ़ी मलबा बिखर गया है.

अन्य विस्फोट

उससे कुछ ही मिनटों पहले वित्त मंत्रालय के पास विस्फोट हुआ था और वो भी इलाक़ा काफ़ी सुरक्षित ही माना जाता है.

Image caption बग़दाद में हुए इस विस्फोट की वजह से वहाँ एक बड़ा गड्ढा बन गया

बग़दाद के अन्य हिस्सों में विस्फोट हुए और ग्रीन ज़ोन के अंदर भी कुछ मोर्टार गिरे.

एक प्रत्यक्षदर्शी मुस्तफ़ा मूही ने बताया, "सब लोग परेशान हैं. किसी को नहीं पता क्या हो रहा है. हर आदमी अपनी कार तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है वो घर पहुँचना चाहता है और मैंने भी यही किया. सड़कों पर हर चौकी पर इसकी वजह से काफ़ी ट्रैफ़िक भी था."

इराक़ी सेना के एक प्रवक्ता का कहना था कि हमलों के सिलसिले में बग़दाद से अल-क़ायदा के दो सदस्य पकड़े गए हैं.

ये हमले उसी समय हुए जबकि प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी पास के ही एक होटल में संवाददाता सम्मेलन के लिए पहुँचने वाले थे.

संवाददाताओं के अनुसार सरकार का दावा है कि उनका नियंत्रण पूरी तरह बना हुआ है मगर इस हमले से उनके दावों पर लोगों को शक़ ज़रूर होगा.

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