अट्ठारह साल बाद मिली लापता बच्ची

जेसी ली डुगार्ड
Image caption जेसी ली डुगार्ड का 11 साल की उम्र में अपहरण हुआ था

अगर 18 साल बाद किसी की खोई बेटी मिल जाए तो यह उसके लिए चमत्कार से कम नहीं. अमरीका में एक महिला मिली है जिसका 1991 में अपहरण हुआ था और उसके कथित अपहरणकर्ता से उसके 11 और 15 साल की दो बेटियां भी हैं.

महिला का नाम जेसी ली डुगार्ड है और पुलिस के अनुसार उसे और उसकी बेटियों को पीछे के अहाते में रखा गया था.

जेसी के कथित अपहरणकर्ता 58 वर्षीय फ़िलिफ गैरिडो और उसकी 54 वर्षीय पत्नी नेन्सी गैरिडो कैलिफ़ोर्निया में हिरासत में हैं.

जेसी का डीऐनए परीक्षण हो रहा है लेकिन उसे अपनी मां से मिलवा दिया गया है. सन 1991 में जब वो मात्र 11 वर्ष की थी तो दो लोगों ने मिलकर उसका अपहरण किया.

अल डोराडो काउन्टी के अंडर शैरिफ़ फ़्रैड कोलर ने बताया कि जब से उसका अपहरण हुआ वो सैन फ़्रैन्सिस्को के पास ऐन्टिऑक में इस दम्पति के साथ रह रही थी.

कोलर ने कहा, "मकान के पिछले अहाते में टैंट और इमारत कुछ इसतरह बनाई गई थीं जिससे न बाहर को कोई उन्हे देख सकता था न वो बाहर देख सकती थीं".

जेसी और उसकी बेटियों ने अधिकांश समय इसी पिछवाड़े में गुज़ारा और बेटियां न कभी स्कूल गईं और न किसी डॉक्टर के पास.

इन बच्चियों की पहचान तब हुई जब फ़िलिप गैरिडो इनके साथ कैलिफ़ोर्निया के बर्कले विश्वविद्यालय के परिसर में धार्मिक साहित्य बांटता देखा गया.

उसपर शक इसलिए हुआ क्योंकि एक पंजीकृत यौन अपराधी होने के नाते उसे छोटे बच्चों के साथ होने की इजाज़त नहीं है.

उसे पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था तो वह एक युवती और दो बच्चियों को साथ लेकर आया. पूछताछ के दौरान पता चला कि जिस युवती को वो ऐलिसा कह रहा था वह दरसल जेसी ली डुगार्ड है.

गैरिडो ने अपहरण का अपराध स्वीकार किया लेकिन कहा कि उसकी पहली बेटी के जन्म के बाद से उसका जीवन पूरी तरह बदल गया.

उसने कहा, "शुरु में जो हुआ वह सचमुच घृणित था लेकिन मैंने अपना जीवन बदल लिया है".

'हमने उम्मीद छोड़ दी थी'

पुलिस ने कहा कि उसे घर के पिछवाड़े में एक कार भी मिली है जो जेसी के अपहरण के समय इस्तेमाल की गई कार से मेल खाती है.

हालांकि पुलिस पहले भी गैरिडो के घर जाती रही लेकिन उसने वहां कुछ अटपटा नहीं देखा.

Image caption जेसी का घर जहां से स्कूल जाते हुए उसका अपहरण हुआ

जिस हिस्से में जेसी और उसकी बेटियां रहती थीं वह झाड़ियों, कूड़े के ड्रम और तिरपाल से छिपा हुआ था.

जेसी के सौतेले पिता कार्ल प्रोबिन जिन्होने 10 जून 1991 में उसका अपहरण होते देखा था कहा, "मैंने यह उम्मीद ही छोड़ दी थी कि जेसी को कभी जीवित देख पाऊँगा".

"इस घटना के कारण मेरी शादी टूट गई. मैंने बहुत ही बुरा वक़्त देखा. जेसी के मिलने तक संदेह की उंगली हमेशा मुझपर ही उठी".

कार्ल प्रोबिन ने जेसी का अपहरण अपनी आंखो देखा था. वो अपने घर से स्कूल बस के स्टॉप की ओर जा रही थी कि अचानक सलेटी रंग की कार आकर रुकी जिसमें से एक अंजान व्यक्ति उतरा और उसने जेसी को पकड़कर कार में डाल दिया. वो चिल्लाती चीखती रही लेकिन वो उसे ले गए.

कार्ल प्रोबिन का विश्वास था कि कार के भीतर एक पुरुष और एक महिला थी. उसके बाद जेसी का कुछ पता नहीं चला.

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