राजकुमारों के मोबाइल भी सुरक्षित नहीं

प्रिंस हैरी

कहते हैं कि क़ानून के हाथ लंबे होते हैं पर सोचिए अपराध के हाथ कहां कहां नहीं पहुंच जाते. फिर वो चाहे ब्रितानी राजपरिवार के दोनों राजकुमारों के मोबाइल फ़ोन ही क्युं न हों.

जी हां, ब्रितानी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कुछ ऐसी ही ख़बर सार्वजनिक की है.

मैट्रोपोलिटन पुलिस के इस अधिकारी के मुताबिक इस बात के प्रमाण मिले हैं कि दोनों राजकुमारों, विलियम और हैरी के मोबाइल फ़ोन हैक किए गए थे.

जानकारी के मुताबिक न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड नामक अख़बार के एक पत्रकार ने ब्रितानी शाही घराने के राजकुमारों विलियम और हैरी के निजी मोबाइल फ़ोन हैक किए थे.

वर्ष 2007 में पत्रकार क्लाइव गुडमैन को शाही घराने में काम करने वालों के मोबाइल वॉयसमेल हैक करने का षड़यंत्र रचने के जुर्म में चार महीने के कारावास की सज़ा मिल चुकी है.

चीफ़ सुपरिटेंडेंट फिलिप विलियम ने ब्रिटेन की एक कमेटी के समक्ष कहा है की दोनों राजकुमार खुद इसका निशाना बनाए गए होंगे.

चीफ़ सुपरिंटेंडेंट का ये भी कहना था की पुलिस कभी इस तरह के शक को साबित तो नहीं कर सकी, लेकिन जब उनसे इस बात को ज़ोर देकर पूछा गया कि क्या पुलिस के पास यह कहने की ठोस वजह रही होगी कि राजकुमारों के वॉयसमेल को हैक किया गया, तो विलियम्स का जवाब था "हाँ".

ब्रिटेन की पुलिस के सहायक आयुक्त जॉन येट्स के साथ साथ विलियम्स से भी इस कमेटी द्वारा ये पूछताछ की जा रही थी की फ़ोन हैकिंग काण्ड की जांच दोबारा क्यों नहीं की गई, जबकि जुलाई महीने में दि गार्डियन अख़बार में इस तरह की कई खबरें लगातार छापी गई थीं.

दि गार्डियन अख़बार ने इस बात का भी खुलासा किया था कि इसी तरह के एक और मामले में ब्रिटेन की प्रोफेशनल फुटबॉल ऍसोसिएशन के प्रमुख गोर्डन टेलर को सात-लाख पाउंड मुआवजे के तौर पर न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड अख़बार से मिले थे.

कोर्ट के बाहर हुए इस समझौते कि शर्त यही थी कि केस का ब्यौरा जनता के समक्ष नहीं आने दिया जाएगा.