सबसे वृद्ध महिला का निधन

गेरत्रुद
Image caption गेरत्रुद को सबसे वृद्ध महिला का खिताब जनवरी में ही मिला था

दुनिया की सबसे बुज़ुर्ग महिला ने अमरीका के लॉस एंजेलिस में दम तोड़ दिया है.

ऐसा माना जा रहा है कि 115 वर्षीया गेरत्रुद बेंस की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई.

छह अप्रैल 1894 को जन्मीं गेरत्रुद को दुनिया की सबसे वृद्ध महिला का ख़िताब इसी वर्ष जनवरी में मिला था जब पुर्तगाल की मारिया डि जीसस का 116 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था.

गेरत्रुद के डॉक्टर का कहना है कि वे अपने लंबे जीवन का श्रेय स्वस्थ जीवनशैली और धार्मिक आस्था को देती थीं.

अब दुनिया की सबसे बुज़ुर्ग महिला का ख़िताब जापान की कामा चिनेन को मिल गया है, वे 114 वर्ष की हैं.

गेरत्रुद पिछले कुछ समय से लॉस एंजेलिस के वेस्टर्न कॉन्वेलेसेंट अस्पताल में भर्ती थीं और उनका निधन स्थानीय समय के अनुसार सुबह सात बजे हुआ.

उनके डॉक्टर चार्ल्स विट ने पत्रकारों को बताया कि "उन्होंने जीवन में कभी शराब नहीं पी, धूम्रपान नहीं किया और कभी कोई ऐसी-वैसी हरकत नहीं की, उन्होंने मुझसे कहा था कि उनका जीवन प्रभु का उपहार है."

डॉक्टर विट का कहना है कि "दो दिन पहले ही वे अच्छी हालत में थीं, वे मानसिक रुप से चुस्त थीं और अक्सर मुस्कुराती थीं."

गेरत्रुद के पिता अफ्रीका से गुलाम के तौर पर अमरीका लाए गए थे.

वे अमरीका के लोकतांत्रिक इतिहास की अब तक की सबसे बुज़ुर्ग अफ्रीकी-अमरीकी वोटर भी हैं, नवंबर 2008 में उन्होंने बराक ओबामा को वोट दिया था.

उन्होंने तब कहा था, "मैं ओबामा को वोट डाल रही हूँ क्योंकि वह काले लोगों का ध्यान रखेंगे." गेरत्रुद ने इस साल अप्रैल में अपना 115वां जन्मदिन मनाया था और राष्ट्रपति ओबामा ने उन्हें बधाई संदेश भेजा था.