अफ़ग़ान क़ैदियों को नए अधिकार

बगराम हवाई ठिकाना
Image caption बगराम बंदी शिविर में क़ैदी अपने हालात की शिकायतें करते रहे हैं

अमरीकी प्रतिरक्षा विभाग का कहना है, कि अफ़ग़ानिस्तान स्थित बग़राम हिरासत केंद्र के लगभग 6 सौ बंदियों को अपनी हिरासत को चुनौती देने का अधिकार दिया जाएगा.

अमरीकी प्रतिरक्षा विभाग पेंटागन के प्रवक्ता ब्रायन व्हाइटमैन ने कहा है कि बंदियों को समय समय पर एक आयोग के सामने पेश होकर अपनी बात रखने का मौक़ा दिया जाएगा.

बंदियों के बारे में अमरीकी नीतियों पर पुनर्विचार के ओबामा प्रशासन के फ़ैसले तहत ये घोषणा की गई है.

उल्लेखनीय है कि इस साल जनवरी में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद बराक ओबामा ने कहा था कि वे क्यूबा स्थित अमरीकी बंदीगृह ग्वांतानमो बे को बंद करेंगे.

ब्रायन व्हाइटमैन ने कहा कि, " ये घोषणा अमरीकी हिरासत केंद्रों की नीतियों पर पुनर्विचार की उसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत बंदियों को ये अधिकार मिलता है कि वे समय समय पर आयोग के सामने पेश होकर अपनी हिरासत को चुनौती दे सकें."

व्हाइटमैन ने पत्रकारों को बताया कि इस प्रक्रिया में बंदियों के लिए निजी प्रतिनिधि नियुक्त किए जाएंगे, जो उन्हें इस पूरी प्रक्रिया में गवाहों के बयान जुटाने में मदद करेंगे.

ब्रायन व्हाइटमैन ने ये भी बताया कि ये वही प्रक्रिया है, जो इराक मे भी जारी है. उनका कहना था कि , "इस प्रक्रिया से हमें बंदियों की संख्या सीमित करने और ये सुनिश्चित करने में मदद मिली कि हम केवल उन बंदियों को हिरासत में रखे हुए हैं, जो सबसे ज्यादा ख़तरनाक़ हैं. "

दिसंबर 2001 में तालेबान के पतन के बाद से बग़राम हिरासत केंद्र अस्तित्व मे आया था और अमरीकी नेतृत्व में अभियान चला रही गठबंधन सेना, तभी से वहां बंदियों को रखती है.

बग़राम हिरासत केंद्र के बंदी जुलाई से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे जेल की कोठरी से बाहर आने और अपने सगे संबंधियों या रैड क्रॉस के अधिकारियों से मिलने से इंकार करके अपना विरोध प्रदर्शित करते रहे हैं.

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