अमरीका ने कहा, कार्रवाई करे पाक

  • 18 सितंबर 2009
Image caption भारत हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ कार्रावाई चहाता है

भारत में अमरीका के राजदूत टिमुथी रोमर ने कहा है कि पाकिस्तान को मुंबई हमलों के अभियुक्तों के ख़िलाफ़ त्वरित और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

भारत के गृहमंत्री पी चिदबंरम और अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की पिछले सप्ताह ही अहम मुलाक़ात हुई थी. इस दौरान भारत ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी अमरीका को दी थी.

इस मुलाक़ात के एक हफ्ते बाद ही भारत में अमरीका के राजदूत टिमुथी रोमर ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री चिदबंरम से मुलाक़ात की. रोमर और चिदबंरम की मुलाक़ात में मुंबई हमलों से संबंधित संदिग्धों और अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रावाई पर चर्चा हुई.

मुलाक़ात के बाद टिमुथी रोमर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मुंबई हमले के पाँच से छह संदिग्ध पाकिस्तान की हिरासत में हैं, और इन संदिग्धों को जल्दी और कड़ी सज़ा होनी चाहिए. ये भारत और अमरीका दोनों के हित में है.”

हाफ़िज़ सईद को गिरफ़्तार किए जाने के मुद्दे पर रोमर का कहना था, “हाफ़िज सईद को पकड़ा जाना और लश्करे तैय्यबा के ढांचे को तोड़ना भारत और अमरीका दोनों के लिए ज़रुरी है.”

अमरीका के राजदूत और भारत के गृहमंत्री पी चिदबंरम के बीच हुई इस मुलाक़ात को पाकिस्तान पर नए सिरे से अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की रणनीति के रुप में भी देखा जा सकता है.

इस मुलाक़ात से कुछ देर पहले ही पाकिस्तान से ख़बर आई थी की वहां हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ दो मुक़दमे दर्ज कर लिए गए हैं और जल्दी ही उन्हें गिरफ़्तार किया जा सकता है.

हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ आतंकवाद निरोधी क़ानून के तहत मामले दर्ज किए गए हैं. भारत हाफ़िज़ सईद को मुंबई हमलों का मुख्य अभियक्त मानता है.

नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमलों के संदिग्धों के ख़िलाफ़ कार्रवाई न करने का आरोप भारत पाकिस्तान पर लगातार लगाता रहा है. चिदबंरम ने अमरीका यात्रा के दौरान हिलेरी क्लिंटन से अपनी मुलाक़ात में मुंबई हमले पर पाकिस्तान की तरफ से आपेक्षित कार्रवाई न किए जाने का मुद्दा उठाया था.

विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान में हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ कार्रवाई और अमरीका का भारत के पक्ष में खड़े होने का परिणाम ये हो सकता है कि भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिव स्तर की बातचीत एक बेहतर माहौल में होगी.

दोनों देशों के विदेश सचिव संयुक्त राष्ट्र संघ के महाधिवेशन के दौरान होनी है. पाकिस्तान में भारत के राजदूत रहे टीएसी रंगचारी कहते हैं "भारत और पाकिस्तान के बीच शांति और बातचीत चलनी चाहिए और संबध अच्छे होने चाहिए, पर उसके लिए ज़रुरी ये होगा कि पाकिस्तान आतंकवादी ढांचा तोड़ने के लिए विश्वसनीय कदम उठाए."

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