'स्थाई शांति के लिए कश्मीर का हल ज़रूरी'

  • 26 सितंबर 2009
आसिफ़ ज़रदारी
Image caption ज़रदारी ने द्विपक्षीय मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाया है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि कश्मीर का मुद्दा हल किए बगैर दक्षिण एशिया में स्थाई शांति कायम नहीं हो सकती.

आसिफ़ अली ज़रदारी ने यह बात संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान कही.

उनका कहना था,“हम भारत के साथ सारे मुद्दों को शांति से सुलझाना चाहते हैं. दक्षिण एशिया में स्थाई शांति और स्थिरता कायम करने के लिए कश्मीर विवाद को सुलझाने के लिए ठोस प्रगति करना भी ज़रूरी है.

पाकिस्तानी नेता ने भारत के साथ बेहतर रिश्ते कायम करने की भी बात की और यह भी इच्छा जताई कि दोंनों देशों के बीच समग्र बातचीत या कॉम्पोज़िट डॉयलॉग जल्द शुरू हो.

उनका कहना था कि भारत के साथ रिश्ते आगे बढ़ाने के लिए बातचीत ही एक रास्ता है.

अपने भाषण में ज़रदारी ने कहा, “पाकिस्तान भारत के साथ अच्छे रिश्तों की ख्वाहिश रखता है. हमारा मानना है कि इसके लिए बातचीत ही एक रास्ता है. और जब बातचीत नहीं होती तो आपस में तनाव बढ़ता है. इसलिए हम चाहते हैं कि समग्र बातचीत का सिलसिला फिर से शुरू हो."

लेकिन आसिफ़ अली ज़रदारी ने दोंने देशों के बीच कशमीर समस्या को मुख्य बिंदु के तौर पर एक बार फिर सामने रखा है.

अहम बैठक

पाकिस्तानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है कि जब दोंनो देशों के बीच मुंबई हमलों के कारण रिश्तों में तनाव है और भारत की बार-बार पाकिस्तान से यही मांग है कि पाकिस्तान अपने देश से भारत में चरमपंथी गतिविधियाँ रोकने के लिए कार्रवाई करे.

न्यूयॉर्क में शनिवार को भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की बैठकें होंगी और उसके बाद रविवार को भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के बीच भी अहम बैठक होनी है.

विदेश मंत्रियों की बैठक में दोंनो देशों के बीच जिन मुद्दों पर बात होगी उनमें भारत की ओर से सबसे ऊपर आतंकवाद का मामला रहने की संभावना है.

पाकिस्तान में जारी आर्थिक संकट और चरमपंथ के मामलों पर बोलते हुए ज़रदारी का कहना था कि पाकिस्तान की पहली प्राथमिकता आर्थिक संकट से निकलना है, लेकिन इसमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद की भी दरकार है.

संयुक्त राष्ट्र में ज़रदारी ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चाहिए कि आतंकवाद से लड़ाई में वह पाकिस्तान की भरपूर मदद जारी रखे.

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