स्कॉटलैंड में कपाल भाती

Image caption निर्जन टापू का नाम 'पीस आइलैंड' रखा गया है

स्कॉटलैंड के आयरशर में स्थित छोटे से निर्जन टापू लिटिल कम्ब्री को अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र में तब्दील किया जा रहा है.

बाबा रामदेव के दो शिष्यों ने इस टापू को 20 लाख पाउंड में ख़रीदा है, परंपरागत बैगपाइपों की धुन पर चर्चित योग गुरु रामदेव के नेतृत्व में एक यात्रा निकाली गई जिसके बाद उन्होंने स्कॉटिश टापू की तुलना हिमालय और गंगा से की.

शिष्यों की भीड़ बाबा रामदेव के चरण छूने के लिए उमड़ रही थी. हवन, मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा के साथ इस टापू को शांति द्वीप घोषित किया गया.

कुल 700 एकड़ में फैले इस पथरीले टापू के बारे में कहा गया है कि इसे अंतरराष्ट्रीय प्राणायाम योग केंद्र और एक तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.

बाबा रामदेव के अनुयायियों की संख्या भारत में बहुत बड़ी है और भारत से बाहर भी उनकी पतंजलि योग प्रणाली का अनुसरण करने वाले काफ़ी लोग हैं.

बाबा रामदेव दुनिया भर में योग प्रशिक्षण शिविर आयोजन कर चुके हैं जिनमें हजा़रों लोगों ने हिस्सा लिया है. बाबा रामदेव का दावा है कि योग से ज़्यादातर बीमारियाँ ठीक हो सकती हैं जिनमें कैंसर और मधुमेह जैसे रोग भी शामिल हैं.

इस टापू की नई मालकिन 49 वर्षीय सुनीता पोद्दार कहती हैं कि प्राणायाम शुरू करने से पहले उनका वज़न बहुत अधिक था और वे हर रोज़ 12 गोलियाँ खा रही थीं.

मॉरीशस से आए ध्रुव का कहना है कि वे शराब और माँस के अधिक सेवन की आदत से परेशान थे लेकिन अब उन्हें ऐसी कोई समस्या नहीं है.

ऐसा नहीं है कि बाबा रामदेव के अनुयायी सिर्फ़ भारतीय हैं, बोल्टन में रहने वाले एरिक रॉस पिछले तीन महीनों से योगाभ्यास कर रहे हैं और उनका कहना है कि इससे उनका मधुमेह नियंत्रण में है.

एरिक मानते हैं कि योग से कैंसर जैसे रोग ठीक हो सकते हैं, उनका कहना है, "मैं इसे पूरी तरह मानता हूँ, यह हज़ारों साल पुरानी परंपरा है, यह पश्चिमी देशों के लिए नई चीज़ है, मैं भारत जाने वाला हूँ ताकि मैं इसे ठीक से सीखकर दूसरे लोगों को सिखा सकूँ. हम अपनी बीमारियाँ खु़द ठीक कर सकते हैं."

सुनीता पोद्दार और उनके पति सैम 32 साल पहले भारत से स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर आए और उन्होंने केयर होम के कारोबार खूब पैसा कमाया है.

ज़ोरदार प्रचार

बाबा रामदेव ने इस मौके पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया, टूटी-फूटी अँगरेज़ी और हिंदी में उन्होंने कहा, "हमने हाइपरटेंशन, अस्थमा, गठिया और कैंसर जैसे रोगों को ठीक किया है, यह एक वैज्ञानिक तथ्य है कि अधिक ऑक्सीजन वाले वातावरण में कैंसरग्रस्त कोशिकाएँ जीवित नहीं रह सकतीं."

सुनीता पोद्दार कहती हैं, "स्वामी जी के प्राणायाम से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा दस गुना तक अधिक हो जाती है इसलिए कैंसर कोशिकाएँ बढ़ नहीं पाती हैं, मैं भी शुरू में संदेह करती थी लेकिन मैं जब इसे आज़माया तो मुझे बहुत फ़ायदा हुआ, मेरी सारी बीमारियाँ ठीक हो गई हैं."

बाबा रामदेव अपने विवादास्पद विचारों के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने कोका कोला और विदेशी उपभोक्ता उत्पादों का खुलकर विरोध किया है, इस बार जब पत्रकारों ने उनसे समलैंगिकता पर उनके विचार पूछे तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

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