ब्राउन ने कहा काम अभी बाक़ी

Image caption ब्राउन कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं

ब्रिटेन में सत्ताधारी लेबर पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि उनका काम अभी ख़त्म नहीं हुआ है और वे देश और दुनिया को बदलने के लिए अगला चुनाव जीतना चाहते हैं.

लंदन से लगभग 75 किलोमीटर दक्षिण में ब्राइटन शहर में लेबर पार्टी के सालाना कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि "ब्रिटेन की मौजूदा पीढ़ी के सामने इतना बड़ा दोराहा कभी नहीं रहा, उन्हें लेबर और कंज़रवेटिव पार्टी के बीच ही नहीं बल्कि दो रास्तों में से एक को चुनना है".

ब्राउन के लिए इसे लेबर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के सामने अपने-आपको निर्विवाद रूप से नेता साबित करने के अंतिम मौक़े के तौर पर देखा जा रहा था, अगले साल गर्मियों में ब्रिटेन में आम चुनाव होने वाले हैं.

लेबर पार्टी की सालाना कॉन्फ्रेंस में ब्राउन को अपने भाषण से साबित करना था कि वही हैं जो पार्टी को अगला चुनाव जितवा सकते हैं जिसके लिए उनके पास ठोस योजना है. ब्राउन दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री बने जब टोनी ब्लेयर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया.

लेबर पार्टी ने पिछले तीनों आम चुनाव जीते हैं और ब्राउन के ऊपर उसे चौथी बार जीत दिलाने की ज़िम्मेदारी है लेकिन अभी तक हुए लगभग सभी जनमत सर्वेक्षण इस ओर इशारा कर रहे हैं कि ऐसे होने के आसार नहीं हैं.

बड़े जोश भरे अंदाज़ में उन्होंने 'फाइट टू विन फॉर ब्रिटेन' के नारे के साथ अपने भाषण की शुरूआत की. लेबर पार्टी की बारह साल की उपलब्धियों की पूरी सूची एक साँस में पढ़ गए. तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने अपनी कैबिनेट के सहयोगियों की तारीफ़ की.

लेकिन उनके भाषण के बाद विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी के प्रवक्ता ने इसे 'लंबे-लंबे मंसूबों की निर्रथक सूची' बताया जिन्हें पूरा करने के लिए पैसे नहीं हैं.

कठिन दौर

ब्राउन बहुत कठिन समय में अपनी पार्टी से मुखातिब हुए हैं. 'इज़ देयर ए विल टू विन', यानी क्या लेबर पार्टी सचमुच चुनाव जीतने के इरादे से मैदान में उतरने को तैयार है, इस बात पर बहस चल पड़ी है.

पार्टी के कई नेता खुलेआम कह चुके हैं गॉर्डन ब्राउन ने मानो बिना लड़े हार मान लिया है.

अगले साल गर्मियों में होने वाले चुनाव में लेबर पार्टी के जीतने की भविष्यवाणी करने का जोखिम कोई नहीं ले रहा है, लगभग सभी जनमत सर्वेक्षण बता रहे हैं कि सत्ताधारी पार्टी के चौथी बार जीतने की संभावना न के बराबर है.

गॉर्डन ब्राउन पर आरोप लग रहे हैं कि वे लेबर पार्टी के शीर्ष नेता और प्रधानमंत्री के तौर पर पड़ रहे कामकाज के दबाव को संभाल नहीं पा रहे हैं इसलिए एंटी डिप्रेसेंट दवाएँ यानी अवसाद मिटाने वाली दवाएँ खा रहे हैं, बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने इसका खंडन किया है.

विपक्षी टोरी पार्टी के नेता डेविड कैमरून उन्हें अमरीकी स्टाइल पर टीवी पर बहस करने के लिए ललकार रहे हैं. अभी तो उनका भाषण ख़त्म हुआ है अब उसका विश्लेषण शुरू होगा.

यह लेबर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा था इसलिए तालियाँ तो बजनी ही थीं लेकिन गॉर्डन ब्राउन के लिए अगले छह महीने चुनौतियों से भरे होंगे जिसकी अभी तो शुरूआत ही हुई है.

संबंधित समाचार