इंडोनेशिया में मृतकों की संख्या 500 के पार

  • 1 अक्तूबर 2009

इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में बुधवार को आए भूकंप में अब तक 529 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. सरकार ने इस संख्या की पुष्टि की है.

गुरुवार को भी मलबे तले दबे लोगों को निकालने का काम जारी रहा. अधिकारियों का कहना है कि 400 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.3 थी और इसका केंद्र पडांग शहर के पास था जो पश्चिम सुमात्रा की राजधानी है.

भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम को पाँच बजकर 16 मिनट पर आया.

भूकंप के कारण कई अस्पताल, स्कूल, शॉपिंग मॉल नष्ट हो गए और कई जगह भूस्खलन हो गया.

पडांग में ध्वस्त हुए एक स्कूल से अपनी लापता बच्ची की तलाश में उनकी माँ आंद्रियाना वहीं डेरा जमाए हुए हैं. उन्होंने एएफ़पी को बताया, “मैं घर नहीं गई हूँ और प्रार्थना कर रही हूँ कि मेरी बच्ची सलामत हो.”

जकार्ता में स्वास्थ्य मंत्रालय के आपदा प्रबंधन केंद्र के प्रमुख ने कहा है कि उनके अनुमान के मुताबिक 1000 लोग मारे गए हैं.

नुकसान

गुरुवार सुबह पडांग में एक और भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 6.8 मापी गई लेकिन इस भूकंप में किसी के हताहत होने का समाचार नहीं आया है.

बुधवार को आए भूकंप के कारण टेलीफ़ोन लाइनें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और नुकसान का अंदाज़ा लगा पाना मुश्किल हो रहा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ज़िंदा बचे लोगों को ढूँढने के लिए सैनिक पडांग पहुंच रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया ने भी मदद देने की पेशकश की है.

इंडोनेशियाई अधिकारियों का कहना है कि ये पिछले कुछ सालों में सबसे बड़ा भूकंप है.2006 में योगजकार्ता में आए भूकंप में 5000 लोग मारे गए थे. उस भूकंप का केंद्र पडांग से 600 किलोमीटर की दूरी पर था.

भूगर्भ वैज्ञानिक लंबे समय से आगाह करते आए हैं कि पडांग एक दिन भूकंप के कारण पूरी तरह तबाह हो जाएगा.

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