हज़ारों के मलबे में दबे होने की आशंका

मलबे में दबे लोगों को पहुंचाई जा रही है मदद
Image caption मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद भी ली जा रही है.

इंडोनेशिया की सरकार का कहना है कि बुधवार को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद मलबे में अब भी क़रीब 3000 लोग फंसे हो सकते हैं.

अब आपातकालीन मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय राहतकर्मी भी काम में लग गए हैं.

स्विट्ज़रलैंड का एक दल अपने खोजी कुत्तों के साथ यहाँ पहुँच चुका है, दक्षिण कोरिया का एक दल रास्ते में है और ब्रिटेन के अग्निशमन विभाग के लोग इस सप्ताहांत पहुँचने वाले हैं.

कुछ को यहाँ शहर में तैनात किया जाएगा लेकिन चिंता गाँव के पिछडे इलाकों को लेकर है.

ऑस्ट्रेलिया, रूस, अमरीका और यूरोपीय संघ आपात राहत सामग्री और डॉक्टरों का दल भेज रहे हैं.

भूकंप के बाद कई जगहों पर भूस्खलन होने से रास्ते और सड़कें बंद हैं. इससे दूर दराज़ के इलाक़ों में ज़रूरतमंद लोगों तक मदद पहुँचाने में दिक्कतें आ रही हैं.

जैसे-जैसे और जानकारी मिल रही है, इंडोनेशिया की सरकार मरनेवालों की संख्या के अपने आकलन में बदलाव ला रही है.

आशंका

इंडोनेशिया के अधिकारियों का कहना है कि मलबे में जहाँ अब भी हज़ारों दबे हो सकते हैं, वहीँ मरनेवालों की संख्या अधिकारिक तौर पर 1100 से ज़्यादा है.

इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय में आपदा प्रबंधन केंद्र के प्रमुख रुस्तम पकाया ने बीबीसी को बताया कि उन्हें खास तौर पर चिंता पडांग क्षेत्र की है, जो उस राज्य की राजधानी है जहाँ भूकंप का प्रभाव सबसे ज़्यादा है.

रुस्तम पकाया ने कहा, "परियामान रिजेंसी के पहाडी इलाक़ों के आसपास भूस्खलन से ज़मीन के लगभग 20 मीटर अंदर क़रीब 600 लोग ज़िंदा दफ़न हो गए हैं. पडांग के पोंदोक में अभी हमने गिरी हुई इमारतों की तलाशी नहीं ली है. यहाँ की आबादी बहुत ज़्यादा थी. सरकारी आँकडों के मुताबिक़ यहाँ 21 हज़ार से ज़्यादा लोग रह रहे थे. अब हम घर-घर जाकर उनका पता लगाएंगे कि कितने मारे गए और टूटे फूटे घरों के भीतर कितने बचे रह गए हैं."

पश्चिमी सुमात्रा के ग्रामीण इलाक़ों से भी बड़े स्तर पर तबाही की ख़बरें आई हैं. अगम के पहाडी इलाक़े से एक अधिकारी ने बताया है कि वहाँ भी भूस्खलन हुआ है और क़रीब 20 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

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