‘अंतहीन नहीं है अमरीकी धैर्य’

ईरानी परमाणु संयत्र
Image caption तेहरान कूम शहर के पास एक दुसरे संवर्धन संयंत्र का निर्माण कर रहा है

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि ईरान को दो सप्ताह के अदंर अपने दूसरे यूरेनियम संवर्धन संयंत्र में भी संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को जाने देना चाहिए.

जिनेवा में ईरान के साथ बहुपक्षीय बातचीत के बाद ओबामा ने कहा कि अमरीका का धैर्य अंतहीन नहीं है.

ओबामा ने कहा “ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मकसद के लिए है, ये विश्वास अर्जित करने के लिए उसे ठोस कदम उठाने ही होंगे.”

ओबामा ईरान के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों और जर्मनी की ईरान के साथ बातचीत के बाद बोल रहे थे.

तेहरान ने बीते सप्ताह ही ये बात बताई थी कि वो कूम शहर के पास एक दूसरे संवर्धन संयंत्र का निर्माण कर रहा है.

सकारात्मक शुरुआत’

गुरुवार को जेनेवा में हुई बातचीत ईरान के साथ वैश्विक ताकतों की जुलाई 2008 के बाद हुई पहली बातचीत थी. पिछली वार्ता बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई थी.

यूरोपीय संघ के विदेश नीति के प्रमुख हाविये सोलाना ने पत्रकारों को बताया कि सभी पक्ष आने वाले हफ्तों में “बातचीत को अधिक गहन बनाने” के लिए सहमत हैं. ये भी तय हुआ है कि इस माह के अंत के पहले बातचीत का एक और दौर होगा.

सोलाना का कहना था कि ईरान ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्था के साथ 'तत्काल और पूरा सहयोग करेगा'. उनका ये भी कहना था कि उन्हें उम्मीद है कि अगले कुछ ही हफ्तों में संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों को ईरान अपने यहाँ आमंत्रित करेगा.

सोलाना ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से ये तय हुआ है कि ईरान के बनाए गए कम संवर्द्धित यूरेनियम को किसी तीसरे देश में आगे के संवर्धन के लिए भेजा जायेगा ताकि ईरान को उसके शोध संयंत्र के लिए ईंधन मिल सके.

यूरोपीय संघ के दूत ने इस वार्ता के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि पहली बार अमरीका के विदेश उप मंत्री विलियम बर्न्स और तेहरान के प्रमुख परमाणु वार्ताकार के बीच सीधी बात हुई है.

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