मालदीव का मंत्रिमंडल लगाएगा गोता

  • 6 अक्तूबर 2009
Image caption मंत्री 17 अक्तूबर के लिए अभी से अभ्यास कर रहे हैं

मालदीव की सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक समुद्र के भीतर करने का फ़ैसला किया है जिसके लिए सभी मंत्री गोता लगाकर समुद्र में उतरेंगे.

ग्लोबल वार्मिंग के ख़तरे से दुनिया को आगाह करने के लिए मालदीव की सरकार ने ये फ़ैसला किया है.

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य समुद्र में गोता लगाकर एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करेंगे जिसमें दुनिया के सभी देशों से ख़तरनाक गैसों के उत्सर्जन में कटौती करने की माँग की जाएगी.

राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "वैसे गोता लगाने की बात मज़ेदार है लेकिन हम इसके ज़रिए एक गंभीर संदेश देना चाहते हैं कि किस तरह समुद्र का जलस्तर बढ़ता जा रहा है."

राष्ट्रपति के सलाहकार ने बताया कि बैठक के दौरान मंत्रिमंडल के सदस्य 17 अक्तूबर को पानी के भीतर हाथ के इशारों से बात करेंगे और वाटरप्रूफ़ बोर्ड पर न मिटने वाली स्याही से लिखेंगे.

सलाहकार ने कहा, "ज़ाहिर है कि इशारों से बहुत बात नहीं हो सकती इसलिए पानी के भीतर होने वाली बैठक का कामकाज काफ़ी सीमित होगा, वे दुनिया के अमीर-ग़रीब सभी देशों से अनुरोध करेंगे कि वे जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को गंभीरता से लें."

उन्होंने बताया, "ख़तरे की कोई बात नहीं है, हर मंत्री को एक कुशल गोताखोर के साथ भेजा जाएगा और यहाँ शार्क भी बहुत आक्रामक नहीं हैं."

मंत्रिमंडल के सभी सदस्य सैनिक अड्डे पर गोताख़ोरी का अभ्यास कर रहे हैं, सिर्फ़ एक मंत्री को स्वास्थ्य कारणों से इस डुबकी बैठक से दूर रखा गया है.

राष्ट्रपति नशीद ख़ुद एक कुशल गोताखोर हैं, उन्होंने पानी के भीतर ही एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है.

मालदीव के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो इस द्वीपदेश का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, दुनिया भर में मालदीव समुद्र तल से सबसे कम ऊँचाई पर बसा देश है.

मालदीव कई टापुओं से मिलकर बना एक देश है जिसका 80 प्रतिशत हिस्सा समुद्र से एक मीटर भी ऊँचा नहीं है. अगर धरती का तापमान बढ़ने से अगर ग्लेशियरों का पानी समुद्री जलस्तर को बढ़ाता है तो मालदीव पूरी तरह जलमग्न हो जाएगा.

राष्ट्रपति का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र ने जिस तरह की भविष्यवाणियाँ की हैं उसके मुताबिक़ जल्दी ही उनके देश को दूसरा ठिकाना खोजना होगा.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार