'सम्मानित महसूस कर रहा हूँ'

बराक ओबामा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को वर्ष 2009 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है.

अपनी प्रतिक्रिया में बराक ओबामा ने नोबेल समिति के फैसले पर आश्चर्य जताया और कहा कि वो इस पुरस्कार को पाकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति को यह पुरस्कार उनके कूटनीतिक प्रयासों के लिए दिया गया है. ओसलो में शुक्रवार को यह घोषणा की गई है.

नोबेल पुरस्कारों के लिए बनी निर्णायक समिति ने कहा है कि बराक ओबामा को यह पुरस्कार देने का निर्णय उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों को विशेष गति देने के लिए किया गया है.

समिति ने कहा है कि बराक ओबामा ने लोगों के बीच परस्पर सहयोग, सहकारिता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया है.

इस बात की भी चर्चा की गई कि बराक ओबामा ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों को मज़बूत करने और परमाणु अप्रसार को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया है.

बराक ओबामा तीसरे अमरीकी राष्ट्रपति हैं जिन्हें इस सम्मान से नवाज़ा गया है. इससे पहले वर्ष 1906 में थियोडो रूज़वेल्ट और वर्ष 1919 में उड्रो विल्सन ने यह पुरस्कार पाया है.

विश्वसमुदाय की कुछ प्रतिक्रियाएं

इस घोषणा के तत्काल बाद ही विश्व समुदाय की ओर से इस बाबत प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई थीं.

कई देशों के नेताओं, प्रधानमंत्रियों, राष्ट्राध्यक्षों ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. आइए, डालते हैं एक नज़र-

निकोलस सार्कोज़ी, फ्रांस के राष्ट्रपति

नोबेल पुरस्कारों की समिति ने राष्ट्रपति बराक ओबामा की मानवाधिकारों, न्याय और विश्वभर में शांति स्थापना के प्रयासों के प्रति प्रतिबद्धता को माना है, उसे मान्यता दी है.

अली अक़बर, ईरानी राष्ट्रपति के सलाहकार

हम आशा करते हैं कि इस पुरस्कार से बराक ओबामा को पूरी दुनिया में न्याय स्थापित कराने के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी.

हम इससे कतई खिन्न नहीं है और हम समझते हैं कि यह पुरस्कार लेने के बाद ओबामा दुनिया से अन्याय हटाने की दिशा में कुछ व्यावहारिक प्रयास शुरू करेंगे.

स्यामक हिरई, अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति के प्रवक्ता

हम राष्ट्रपति ओबामा को यह पुरस्कार जीतने के लिए बधाई देते हैं.

उनका कठोर परिश्रम, उनका वैश्विक संबंधों पर नया दृष्टिकोण, विश्वभर में शांति की स्थापना और साथ ही साथ दुनियाभर में मित्रवत और अच्छे संबंध स्थापित कराने के प्रति उनकी इच्छाशक्ति और प्रयासों को देखें तो पाएंगे कि वो नोबेल शांति पुरस्कार पाने के लिए सही और पात्र व्यक्ति हैं.

ज़बीहुल्लाह मुजाहिद, तालेबान प्रवक्ता

शांति के लिए उनकी नीति में हमने कोई बदलाव नहीं देखा है. उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित होने के लिए कुछ भी नहीं किया है. उन्होंने इस देश में शांति बहाली और स्थिरता क़ायम करने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया है.

हम ओबामा को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की भर्त्सना करते हैं. हम उन संगठनों की भी भर्त्सना करते हैं जो ओबामा को शांति पुरस्कार दे रहे हैं.

खालिद अल बत्श, इस्लामी जेहाद के नेता

ओबामा का यह पुरस्कार जीतना दर्शाता है कि ये पुरस्कार भी राजनीति से प्रेरित हैं. इनको तय करने में विश्वसनीयता, मूल्यों और नैतिकता के सिद्धांतों की भूमिका नहीं दिखती.

ओबामा को शांति पुरस्कार कैसे दिया जा सकता है जबकि उनका देश परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है और उनकी सेना इराक़ में, अफ़ग़ानिस्तान में मासूम लोगों का खून बहा रही है.

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