'पुनर्विचार से स्पष्ट तस्वीर उभरेगी'

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान और आस-पास के क्षेत्र को लेकर अमरीकी नीति पर जो पुनर्विचार हो रहा है, उससे वहाँ की ज़रूरतों की स्पष्ट तस्वीर उभर रही है.

वे यूरोप के पांच दिन के दौरे पर हैं. हिलेरी क्लिंटन ने आयरलैंड में बीबीसी से बातचीत में कहा कि अल क़ायदा और तालेबान के सहयोगियों को हराने की रणनीति बदली नहीं है.

हालांकि उन्होंने कहा कि हालातों का ध्यानपूर्वक जायज़ा लेने के बाद इस बात की समझ बढ़ी है कि कौन सी रणनीति सबसे कारगर है.

उनका कहना था, "हमारी रणनीति अब भी यही है कि अल क़ायदा और उसके कट्टरपंथी सहयोगियों को हराया जाए, उनका तंत्र नष्ट किया जाए ताकि वे लंदन या न्यूयॉर्क या कहीं और हमला न कर सकें."

'हर कोई दुश्मन नहीं'

हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "यहाँ ये ज़रूर कहना चाहूँगी कि अल क़ायदा के साथ कौन जुड़ा है उसका गहराईपूर्वक विशलेषण किया जा रहा है. ख़ुद को तालेबान कहने वाला हर संगठन या व्यक्ति ज़रूरी नहीं कि अमरीका या ब्रिटेन के लिए ख़तरा हो."

विदेश मंत्री ने कहा कि बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें कट्टरपंथियों के साथ लड़ने के लिए पैसे दिए गए हैं या ज़बरदस्ती की गई है और ऐसे लोगों के साथ जुड़ने से वांछित नतीजे मिलेंगे.

उन्होंने कहा कि इसी रणनीति को अपना कर इराक़ में हिंसा में कमी लाई जा सकी है.

अमरीका की अफ़ग़ानिस्तान नीति का भविष्य का रुख़ तय करने के लिए बैठकों का दौर चल रहा है.

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