एयर इंडिया को उबारने की तैयारी

एयरइंडिया बोइंग 747
Image caption एयरइंडिया को सरकारी मदद

भारत सरकार ने अपनी विमानन सेवा एयर इंडिया को उबारने के लिए 50 अरब रूपए का पैकेज देने की घोषणा की है.

भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने ये घोषणा करते हुए कहा कि ये सहायता इस शर्त पर दी जाएगी कि एयर इंडिया अपनी पूरी व्यवस्था में फेरबदल करे और अपने राजस्व को बढ़ाए.

सरकार चाहती है कि एयर इंडिया इस आर्थिक सहयता पैकेज के एवज में, अगले दो वर्षों में अपने ख़र्च में 60 करोड़ डॉलर की कटौती करे.

मार्च में खत्म होने वाले चालू वित्तीय वर्ष में साढ़े 87 करोड़ डॉलर का घाटा उठाने के बाद से एयर इंडिया अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जूझ रही थी और सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगा रही थी.

मुंबई में एयर इंडिया के प्रबंधकों और कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद एक पत्रकार सम्मेलन में प्रफुल्ल पटेल ने ये घोषणा करते हुए कहा, “सरकार ने बहुत से प्रस्ताव एयरइंडिया के सामने रखे हैं. पहला काम तो एयरइंडिया को ये करना पड़ेगा कि अपने शेयरों को बाज़ार में लाकर राजस्व की व्यवस्था करनी होगी. और दूसरा, उसे अपने पूरे व्यवस्थापन में फेरबदल करके अपने खर्च में कटौती करनी होगी, लेकिन अभी कुछ निर्णायक रूप से नहीं कहा जा सकता.”

एयर इंडिया के कई एक्ज़ीक्यूटिव पायलट पिछले हफ़्ते अपने को बीमार बताकर छुट्टी पर चले गए थे. इसके बाद कई उडा़नें रद्द हुईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

इस हड़ताल से एयरलाइंस को भी करोंड़ों का नुकसान हुआ था. दरअसल, यह हड़ताल पायलटों की ओर से उनके वेतनों में कटौती की घोषणा के विरोध में थी. बाद में सरकार से आश्वासन मिलने के बाद यह हड़ताल वापस ले ली गई थी.

तभी नागरिक उड्ड्यन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि एयर इंडिया मौजूदा ढांचे के खर्च को वहन करने की स्थिति में नहीं है लेकिन साथ ही ये भी कहा था कि सरकार एयर इंडिया को उबारने के लिए प्रतिबद्ध है.

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