अपनों की हवस का शिकार

पीड़िता के परिजन
Image caption पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने के लिए दोषियों के नाम भी सार्वजनिक नहीं किए जा सकते.

इंग्लैंड के कार्डिफ़ शहर में भारतीय मूल की एक महिला का लंबे अरसे से यौन शोषण करने के मामले में उनके ही कई सगे संबंधियों को लंबी क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.

परिजनों के साथ ही शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर हुई महिला गर्भवती हो गई और उसने अपनी माँ को इसकी जानकारी दी.

लेकिन माँ से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर उसने आत्महत्या की कोशिश की.

ये मामला तब प्रकाश में आया जब अदालत में कार्रवाई शुरू हुई और दोनों पक्षों के बीच बहस हुई.

अदालत ने पीड़ित महिला के सौतेले पिता को 15 साल, चाचा को 20 साल और उसके जीजा को 12 साल की क़ैद की सज़ा सुनाई और कहा कि इन लोगों ने इस महिला को एक 'वेश्या' की तरह इस्तेमाल किया.

जज ने सज़ा पूरी करने के बाद पीड़िता के संबंधियों को वापस भारत भेजने के आदेश दिए हैं.

अदालत को बताया गया था कि इस महिला का यौन शोषण बचपन से ही पहले उसके चाचा ने, और फिर उसके सौतेले पिता और जीजा ने किया.

दोस्त ने दी हिम्मत

पीड़ित महिला का कहना है कि अगर उसके पुरुष मित्र ने उसका साथ नहीं दिया होता तो उससे जुड़ा ये सच कभी उजागर नहीं होता.

महिला ने कहा है, "मेरे दोस्त ने मुझे हिम्मत दी कि मै इन लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करूँ जो वर्षों से मेरा यौन शोषण करते आए हैं."

महिला ने कहा," मेरे लिए बाहर निकलना मुश्किल था. अब भी मैं अपने घर से ठीक तरह से निकल नहीं सकती क्योंकि मुझे लगता है कि लोग मेरे बारे में बातें कर रहे होंगे."

महिला का कहना था कि जब उसने अपनी माँ को बताया कि उसे सात महीने का गर्भ है और इसका ज़िम्मेदार घर का ही एक व्यक्ति है तो उसकी माँ ने उसका यकीन नहीं किया और डॉक्टर के पास जांच कराए जाने के बाद उसकी पिटाई की.

महिला के चाचा ने अदालत में ये माना है कि वो ही उस बच्चे का पिता है जो इस महिला के गर्भ में पल रहा था.

वकील ने बताया है कि इस महिला ने पिछले साल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि पांच साल की उम्र से ही इसके परिवार के ही सदस्य उसका यौन शोषण कर रहे हैं.

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