26/11 के अदालती सबूत पाकिस्तान को

  • 18 अक्तूबर 2009
मुंबई हमलों का निशाना ताज होटल
Image caption हमलों में 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

मुंबई की आंतकवाद निरोधक अदालत में 26 नवंबर के हमलों के प्रमुख गवाहों के बयान अब पाकिस्तान भेजे जाएंगे.

सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बीबीसी को बताया कि गवाहों के ये बयान पाकिस्तान अपने यहां इसी मामले पर चल रहे मुक़दमे में सबूत के तौर पर इस्तेमाल करेगा.

अदालत ने अभियोग पक्ष की उस याचिका को मंज़ूर कर लिया है, जिसमें गवाहों के बयानों की प्रतियां उपलब्ध कराने की माँग की गई थी.

अगले दो या तीन दिनों में इन प्रतियों को कूटनीतिक चैनल से पाकिस्तान भेज दिया जाएगा.

गवाहों के बयानों के दस्तावेज़ में उस मजिस्ट्रेट का बयान भी शामिल किया जाएगा जिनके सामने पेश होकर मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने ख़ुद 26 नवंबर के हमलों में अपनी भूमिका होने की बात स्वीकार की थी.

हमले के समय मौजूद कुछ विदेशियों के बयानों की प्रतियां भी इन दस्तावेज़ों में शामिल रहेंगी.

इनके अलावा 26 नवंबर के मुंबई हमलों का निशाना बने ताज होटल, ओबेरॉय होटल और नरीमन हाउस जैसी जगहों से सबूत के रूप में बरामद की गई कुछ वस्तुएं भी पाकिस्तान को भेजी जाएंगी.

इससे पहले भी मुंबई हमलों से संबंधित कई डॉसियर पाकिस्तान को दिए जा चुके हैं. वहां इस मामले को देख रही फ़ेडरल जाँच एजेंसी ने सात लोगों को गिरफ़्तार किया था जिनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चल रहा है.

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