आसियान में क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर

  • 25 अक्तूबर 2009
आसियान देशों के झंडे
Image caption आसियान की वार्षिक बैठक 2009 में थाईलैंड में हो रही है.

दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के नेता यूरोपीय संघ की तर्ज़ पर संगठित होकर 2015 तक एक संगठन बनाने की योजना पर चर्चा कर रहे हैं.

दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (आसियान) का सम्मेलन थाईलैंड के चा-ऐम तट पर हो रहा है. इस वार्षिक सम्मेलन के अंतिम दिन रविवार को क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने के कई ज्ञापन-पत्रों पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद जताई जा रही है.

ये उम्मीद भी की जा रही है कि आसियान के 10 देश राजनीतिक और आर्थिक सहयोग करने वाले एक सगंठन की 2015 तक स्थापना करने की बात फिर से पेश करेंगे. अन्य मुद्दों में जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदा के मामले में अधिक सहयोग भी शामिल हैं.

आसियान देश अन्य क्षेत्रीय प्रमुख देशों के साथ मिलकर यूरोपीय संघ तर्ज़ पर एक संगठन बनाना चाहते हैं. इन देशों में भारत, चीन, जापान, दक्षिन कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड जैसे देश शामिल हैं. रविवार को इस सम्मेलन का आख़िरी दिन है.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से असियान देशों के सम्मेलन के दौरान मुलाक़ात की थी जिसमें अनेक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात हुई है.

बैठक से ठीक पहले चीन के प्रधानमंत्री जियाबाओ ने कहा, "हम भारत के साथ सकारात्मक और स्थिर रिश्ते चाहते हैं."

'फ़्री ट्रेड ज़ोन'

सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच इस सम्मेलन में भाग लेने आए नेताओं ने आपसी सहयोग को मज़बूत बनाने का संकल्प लिया.

जापान के प्रधानमंत्री यूकी हातोयामा ने कहा कि इस क्षेत्र के देशों को इस बात का लाभ उठाना चाहिए कि पश्चिमी देशों के मुक़ाबले यहां मंदी से उबरने का ज़्यादा तेज़ संकेत है.

उन्होंने कहा, "इस समय हमारे लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि हम ये कोशिश करें कि पूर्व ऐशिया विश्व नेतृत्व की आकांक्षा रखे."

थाईलैंड के प्रधानमंत्री अभिजीत विजयजीव ने चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से मुलाक़ात की और फ़्री ट्रेड पर बात की.

इस सम्मेलन की प्रमुख बात ये है कि सारे देश क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने की बात बार-बार कर रहे हैं.

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