पाकिस्तान का आरोप, भारत का खंडन

रहमान मलिक

पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने दावा किया है कि भारत अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर बसे चरमपंथी संगठन तालेबान को वित्तीय सहायता दे रहा है और पाकिस्तान में आतंरिक अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है.

भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

मलिक ने कहा, " मुझे इस बात का पूरा विश्वास है कि भारत भी उन तत्वों में शामिल हैं जो पाकिस्तान में अस्थिरता और अशांति पैदा करने के लिए तालेबान को सहायता दे रहे हैं."

रहमान मलिक एक टेलीविज़न चैनल में साक्षात्कार के दौरान इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि तालेबान को कौन सहायता दे रहा है.

इस सवाल के जवाब में कि क्या भारत भी इसमें शामिल है, मलिक का कहना था, "निश्चित ही. मुझे इस बात का पूरा यकीन है, और इसमें कोई शंका ही नहीं है. मैंने इस बारे में पूरी जानकारी दे दी है."

उन्होंने कहा, "अगर भारत के गृहमंत्री या कोई और इस मुद्दे पर मेरा सामना करना चाहें तो मुझे उनसे बात करने में ख़ुशी होगी क्योंकि मैं जानता हूं कि मैं क्या कह रहा हूं."

वहीं रहमान मलिक के इस आरोप को भारत ने सिरे से ख़ारिज किया है.

भारत के विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने कहा कि भारत ऐसा देश नहीं है जो कि अपने पड़ोसी देशों में अस्थिरता पैदा करे.

टीवी चैनल टाइम्स नाउ के साथ बात करते हुए थरूर ने कहा, ‘उन्हें भारतीय अधिकारियों के साथ मुलाक़ात के तमाम मौक़े मिले, बावजूद इसके पाकिस्तान ने हमें कोई प्रमाण नहीं दिए. हम पाकिस्तान को किसी तरह का नुकसान पहुंचाने की बेवकूफी कभी नहीं कर सकते. ये न तो हमारा तरीक़ा है और न ही हमारी नीति है.’

थरूर का कहना था कि बावजूद इसके अगर पाकिस्तान हमसे कोई जानकारी बांटना चाहता है तो हम स्वागत करते हैं.

पिछले ही सप्ताह रहमान मलिक ने दावा किया था कि उनके पास इस मामले में ठोस सबूत है कि भारत बलूचिस्तान में अस्थिरता फैला रहा है.इस बात की जानकारी भारत के मंत्रियों को या प्रतिनिधियों से साझा की जा सकती है.

बिना सबूतों का ज़िक्र किए रहमान मलिक कहते हैं, "मैं भारत के गृहमंत्री या किसी और मंत्री को आमंत्रित करता हूं और बलूचिस्तान में अस्थिरता फैलाने में भारत के हाथ होने के सबूत उनके सामने रखूंगा. मैं दुनिया को इस बात का सबूत दे सकता हूं."